सिर्फ धुंधला दिखना ही नहीं, ये 4 लक्षण भी हो सकते हैं Eye Cancer का संकेत; डॉक्टर ने किया सावधान
आंखों का कैंसर एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है। जी हां, शरीर के अन्य हिस्सों की तरह, आंखों में भी ट्यूमर हो सकते हैं औ ...और पढ़ें

World Cancer Day 2026: आंखों के कैंसर के वो संकेत जो हर किसी को होने चाहिए पता (Image Source: AI-Generated)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर के बाकी हिस्सों की तरह हमारी आंखें भी कैंसर का शिकार हो सकती हैं? यह पढ़ने में थोड़ा डरावना लग सकता है, लेकिन यह एक सच्चाई है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
कई बार हम आंखों की छोटी-मोटी समस्याओं को सामान्य मानकर छोड़ देते हैं, जबकि वे किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकती हैं। आइए, डॉ. पुनीत जैन (वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल) से जानते हैं इसके बारे में।

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बच्चों और बड़ों में अंतर
आंखों का कैंसर उम्र के हिसाब से अलग-अलग तरह का होता है:
0 से 2 वर्ष के छोटे बच्चों में 'रेटिनोब्लास्टोमा' सबसे आम आंखों का कैंसर है। इसका सबसे मुख्य संकेत फ्लैश फोटोग्राफी के दौरान बच्चे की आंख में सफेद चमक दिखना है, जिसे मेडिकल भाषा में 'ल्यूकोकोरिया' कहा जाता है। इसके अलावा, अगर बच्चे की आंख में भेंगापन दिखाई दे, तो यह भी कैंसर का एक संकेत हो सकता है। वहीं, वयस्कों में आंख के अंदर होने वाला सबसे आम कैंसर 'मेलानोमा' है।
आंखों के किस हिस्से में हो सकता है कैंसर?
कैंसर आंख की किसी भी संरचना को प्रभावित कर सकता है, जैसे कि पलकें, आंख की सतह (कॉर्निया, कंजंक्टिवा), आइरिस, रेटिना, ऑप्टिक नर्व या आंख का ऑर्बिट (वह हड्डी का ढांचा जिसमें आंख सुरक्षित रहती है)। कुछ कैंसर केवल आंख को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि कुछ शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकते हैं। आइए जानते हैं कि आंख के किस हिस्से में समस्या होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं-
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1) पलकों के ट्यूमर
अक्सर पलकों पर गांठ बन जाती है। आम तौर पर जब किसी को पलक पर गांठ महसूस होती है, तो वे डॉक्टर से सामान्य इलाज करवाते हैं, लेकिन चेतावनी का संकेत यह है कि ये गांठें सामान्य इलाज से ठीक नहीं होतीं। अगर कोई गांठ दवा से ठीक न हो रही हो, तो इसकी तुरंत आगे की जांच करानी चाहिए।
2) आंख की सतह के ट्यूमर
ये ट्यूमर आंख की ऊपरी सतह पर होते हैं और ये जन्मजात भी हो सकते हैं या बाद में भी विकसित हो सकते हैं। ये रंगीन (भूरे या काले) या बिना रंग के हो सकते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि पलकों और आंख की सतह के ट्यूमर में अक्सर विजन ठीक रहता है, इसलिए मरीज इसे गंभीर नहीं मानते और इलाज में देरी हो जाती है।

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3) आंख के अंदर के ट्यूमर
जब कैंसर आंख के भीतरी हिस्सों (जैसे रेटिना या यूविया) में होता है, तो इसका सीधा असर देखने की क्षमता पर पड़ता है। इसके लक्षण हो सकते हैं:
- धुंधला दिखाई देना
- आंखों के सामने तैरते हुए धब्बे दिखना
- रोशनी की चमक महसूस होना
- विजन में परछाईं जैसा दिखना
कभी-कभी अचानक दिखाई देना बंद हो सकता है, जिसका कारण रेटिना का अपनी जगह से हट जाना, ऑप्टिक नर्व का प्रभावित होना, या आंख के अंदर ब्लीडिंग भी हो सकता है।
4) आंख के पीछे होने वाला ट्यूमर
ये ट्यूमर आंख के पीछे की जगह यानी ऑर्बिट में होते हैं। ऐसे में, मरीज की आंख बाहर की ओर उभरने लगती है या फिर इसमें सूजन आ जाती है, जिसे 'प्रॉप्टोसिस' कहा जाता है।
सबसे जरूरी बात है कि कई बार आंखों के कैंसर में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। इसलिए, एक नेत्र रोग विशेषज्ञ से नियमित रूप से आंखों की जांच करवाना बहुत जरूरी है। समय पर जांच से इन ट्यूमर को बढ़ने से पहले ही पकड़ा जा सकता है।