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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rheumatoid Arthritis के दर्द को कम कर सकता है योग, जानें कौन से आसन कर सकते हैं मदद

    By Swati SharmaEdited By: Swati Sharma
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 10:07 AM (IST)

    रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है। इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता लेकिन इसके लक्षणों से राहत ...और पढ़ें

    रूमेटाइड अर्थराइटिस से लड़ने में मदद कर सकता है योग
    रूमेटाइड अर्थराइटिस से लड़ने में मदद कर सकता है योग

    HighLights

    1. रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटो इम्यून बीमारी है।
    2. इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है।
    3. जानिए किन योग आसनों से रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों को कम किया जा सकता है।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Rheumatoid Arthritis: रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटो इम्यून बीमारी है, जिसमें जोड़ कमजोर होने लगते हैं। इसमें इम्यून सिस्टम शरीर को इन्फेक्शन से बचाने के बदले अपने ही टिशूज पर हमला करने लगता है। इस बीमारी में जोड़ों में दर्द और सूजन होने लगती है, जिसके कारण चलने-फिरने में समस्या होने लगती है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन दवाई की मदद से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों को कंट्रोल करने में योग भी आपकी सहायता कर सकता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे योग आसनों के बारे में जिनका नियमित अभ्यास रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों को काबू करने में मदद कर सकता है।

    यह भी पढ़ें: रूमेटाइड अर्थराइटिस हड्डियों के साथ आपके फेफड़ों के लिए भी हो सकता है खतरनाक

    भुजंगासन

    इस आसन को करने के स्टेप:

    • सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं।
    • इसके बाद अपने दोनों हाथों की हथेलियों को अपनी छाती के बगल में रखें।
    • धीरे-धीरे सांस लेते हुए, अपने हाथों के सहारे सिर और छाती को ऊपर उठाएं।
    • 15-20 सेकेंड के बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए वापस जमीन पर लेट जाएं।

    फायदे-

    इस आसन से छाती, स्पाइन और कंधे मजबूत होते हैं। यह आसन घुटनों के दर्द से भी राहत दिलाने में मदद करता है। हालांकि, अगर आपको पीठ में चोट लगी हो या कलाई में कोई समस्या हो, तो यह आसन न करें।

    वृक्षासन

    इस आसन को करने के स्टेप:

    • अपने पैरों को जोड़कर खड़े हो जाएं।
    • अपने एक पैर को धीरे-धीरे उठाएं और दूसरे पैर की जांघ पर पेलविस के पास रखें।
    • इसके बाद धीरे-धीरे अपने दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाएं और अपनी दोनों हथेलियों को जोड़ें।
    • 15-20 सेकेंड बाद नॉर्मल पोजीशन में आ जाएं।

    फायदे-

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    इस आसन से पीठ और पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, लेकिन अगर आपका बीपी कम है या पैरों में चोट लगी है, तो इस आसन को न करें।

    यह भी पढ़ें:  क्या है रूमेटाइड अर्थराइटिस, जानें इसके लक्षण और कैसे करें इससे बचाव

    त्रिकोणासन

    इस आसन के स्टेप:

    • अपने दोनों पैरों को थोड़ी दूरी पर रख कर खड़े हो जाएं।
    • इसके बाद अपने एक पैर को बाहर की तरफ घुमाएं।
    • धीरे- धीरे नीचे की तरफ झुकते हुए अपने एक हाथ को अपनी एड़ी पर रखें और दूसरे हाथ को हवा में सीधा रखें।
    • 15-20 सेकेंड के बाद यह सारे चरण अपने दूसरे पैर की तरफ भी करें।

    फायदे- 

    इस आसन से स्पाइन और हिप की फ्लेक्सिबिलीटी बढ़ती है, लेकिन अगर हाई बीपी, कमर या घुटने में अधिक दर्द हो, तो यह आसन न करें।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। 

    Picture Courtesy: Freepik