Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सर्वाइकल कैंसर से बचना है, तो महिलाओं के रूटीन चेकअप में क्यों शामिल होना चाहिए 'पैप स्मीयर टेस्ट'?

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 11:35 AM (GMT+05:30)

    सर्वाइकल कैंसर उन चुनिंदा कैंसरों में से है जिनकी रोकथाम और शुरुआती पहचान संभव है, बशर्ते महिलाएं रूटीन चेकअप को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। ...और पढ़ें

    क्या रेगुलर पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर से बचाव में मदद करता है? (Image Source: AI-Generated)

    क्या रेगुलर पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर से बचाव में मदद करता है? (Image Source: AI-Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन राहत की बात यह है कि यह उन गिने-चुने कैंसरों में से एक है, जिन्हें समय रहते पहचाना और पूरी तरह से रोका जा सकता है। इसके लिए महिलाओं को बस एक छोटी-सी सतर्कता बरतने की जरूरत है, और वह है- नियमित 'पैप स्मीयर टेस्ट'। आइए जानते हैं कि यह टेस्ट क्या है और यह महिलाओं की सेहत के लिए इतना जरूरी क्यों है।

    Preventing Cervical Cancer

    (Image Source: AI-Generated)

    क्या है पैप स्मीयर टेस्ट और यह कैसे होता है?

    पीएसआरआई अस्पताल, दिल्ली के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमित उपाध्याय के अनुसार, पैप स्मीयर टेस्ट एक बेहद सरल, सुरक्षित और बहुत कम समय लेने वाली प्रक्रिया है।

    इस जांच के दौरान डॉक्टर सर्विक्स से सेल्स का एक छोटा-सा नमूना लेते हैं और उसे लैब में जांच के लिए भेज देते हैं। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाता है कि कोशिकाएं सामान्य हैं या फिर उनमें किसी तरह का असामान्य बदलाव शुरू हो गया है।

    क्यों हर महिला के लिए जरूरी है रेलुगर स्क्रीनिंग?

    दिल्ली के ही ऑन्कोलॉजिस्ट और 'आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर' के संस्थापक डॉ. मनदीप सिंह बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर सबसे खतरनाक इसलिए होता है क्योंकि इसके शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई ही नहीं देते। कई बार बीमारी का पता तब चलता है, जब वह काफी आगे बढ़ चुकी होती है।

    पैप स्मीयर टेस्ट इसी खतरे को मात देता है। यह सर्विक्स में होने वाले उन सूक्ष्म बदलावों को समय से पहले पकड़ लेता है, जो भविष्य में कैंसर का रूप ले सकते हैं। इन बदलावों को शुरुआती स्तर पर पहचान कर बीमारी का इलाज बहुत ही आसानी और सफलता के साथ किया जा सकता है।

    खबरें और भी

    Cervical Cancer on the Rise

    (Image Source: AI-Generated)

    सर्वाइकल कैंसर और HPV का सीधा कनेक्शन

    डॉ. मनदीप सिंह इस बात पर जोर देते हैं कि सर्वाइकल कैंसर का सीधा संबंध 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (HPV) के संक्रमण से होता है। अगर किसी महिला में इस वायरस का संक्रमण पाया जाता है, तो सर्विक्स की स्थिति पर नजर रखना और नियमित स्क्रीनिंग कराना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है।

    महिलाओं को यह समझना होगा कि पैप स्मीयर टेस्ट सिर्फ किसी बीमारी को खोजने का जरिया नहीं है, बल्कि यह उनकी दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है।

    किसे और कब करानी चाहिए यह जांच?

    डॉ. अमित उपाध्याय सलाह देते हैं कि 21 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को समय-समय पर पैप स्मीयर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। विशेष रूप से उन महिलाओं को जो सेक्शुअली एक्टिव हैं, उन्हें इस जांच को अपनी रूटीन में शामिल करना चाहिए। इस जांच की मदद से डॉक्टरों को यह तय करने में आसानी होती है कि मरीज को आगे किसी अतिरिक्त उपचार या जांच की आवश्यकता है या नहीं।

    जांच को न टालें

    आज के समय में जब हमारे पास चिकित्सा की बेहतरीन सुविधाएं और जागरूकता दोनों मौजूद हैं, तब महिलाओं को अपने हेल्क चेकअप को बिल्कुल नहीं टालना चाहिए। पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए इस जरूरी जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

    यह भी पढ़ें- कितने दिनों पर करवाना चाहिए Pap Smear Test और महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है यह टेस्ट?

    यह भी पढ़ें- शरीर में दिखने वाले ये 4 लक्षण करते हैं सर्वाइकल कैंसर का इशारा, नजर आते ही डॉक्टर से करवा लें टेस्ट