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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सफर का मजा किरकिरा कर देता है माइग्रेन अटैक, तो बचने के लिए कर लें ये 6 उपाय

    Updated: Wed, 23 Jul 2025 07:49 PM (IST)

    माइग्रेन अटैक के ट्रिगर्स हर मरीज के लिए अलग होते हैं। ट्रैवलिंग अगर आपके दर्द का कारण है तो कुछ उपाय पहले से कर लेने चाहिए। यात्रा से पहले सामान पैक ...और पढ़ें

    ट्रिप में माइग्रेन से कैसे बचें अपनाएं ये आसान टिप्स (Picture Credit- Freepik)
    ट्रिप में माइग्रेन से कैसे बचें अपनाएं ये आसान टिप्स (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. माइग्रेन एक आम समस्या है, जिससे इन दिनों कई लोग प्रभावित हैं।
    2. अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान यह ट्रिगर कर जाता है।
    3. इसे मैनेज करने के लिए आप कुछ टिप्स अपना सकते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। माइग्रेन अटैक के ट्रिगर्स हर मरीज पर अलग-अलग काम करता है। किसी को ट्रैवल करने से माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है, तो किसी को इससे राहत महसूस होती है। अगर ट्रैवलिंग आपके दर्द की वजह बनती है तो इससे बचने के लिए पहले ही कुछ उपाय कर लेना ज्यादा बेहतर है। आइए जानते हैं किन तरीकों से आप इससे बचे रह सकते हैं।

    पहले ही कर लें प्लानिंग

    माइग्रेन का दर्द पैदा करने वाले उस स्ट्रेस को नियंत्रित करने की प्लानिंग पहले ही कर लें। ट्रैवलिंग के एक-दो दिन पहले ही अपना सारा सामान पैक कर लें, ताकि लास्ट मिनट वाली टेंशन न हो। पैकिंग के इस काम में घर के लोगों की मदद भी ले सकते हैं इससे तनाव और हड़बड़ाहट कम होगी। अगर आप अपने दोस्त, परिवार के किसी सदस्य या कलिग के साथ ट्रैवल कर रहे हैं, तो अपने माइग्रेन ट्रिगर के बारे में उन्हें पहले ही बता दें।

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    नींद पूरी करें

    सोने के सामान्य रूटीन में बदलाव करने से भी आपको माइग्रेन का दर्द हो सकता है, इसलिए ट्रैवल करने के एक दिन पहले तक भी सोने का अपना शेड्यूल न बदलें। हर रात की तरह उसी तय समय पर सोएं। कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लें। ट्रैवलिंग के दौरान पावर नैप भी माइग्रेन अटैक से बचाने में मदद करती है।

    सही खाना खाएं

    आप कहीं घूमने गए हैं तो वहां का लोकल फूड चखना तो बनता है, लेकिन आपको कुछ खास फूड आयटम से माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है उसे खाने से बचें। कुछ लोगों को चॉकलेट, चीज, रेड वाइन, सिट्रस, सोया सॉस, शुगर, आर्टिफिशियल स्वीटनर से भी माइग्रेन के अटैक आते हैं। कैफीन की मात्रा को लेकर भी सचेत रहें, इसके घटने या बढ़ने से भी दर्द हो सकता है।

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    पानी पीते रहें

    लगभग एक-तिहाई लोगों का कहना है कि डिहाइड्रेशन भी उनके लिए ट्रिगर का काम करता है। अगर आप हवाई सफर कर रहे हैं तो अपने हाइड्रेशन का ध्यान रखें। एयरप्लेन केबिन में नमी काफी कम होती है और हवाई सफर से डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। गर्म मौसम और हाइकिंग, स्काइंग या स्वीमिंग जैसी एक्टविटी करने से भी हाइड्रेशन की जरूरत पड़ती है। अपने साथ पानी की बोटल रखना ना भूलें और जब भी मौका मिले थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।

    इन ट्रिगर्स से बचकर रहें

    जिन लोगों को माइग्रेन अटैक होते हैं उन्हें जलती-बुझती लाइट, ज्यादा गर्मी और तेज खुशबू परेशान करती है। इन चीजों के कम से कम संपर्क में आने की कोशिश करें। अपने साथ सनग्लास, स्लीपिंग मास्क और ईयरप्लग ले जाना ना भूलें।

    मोशन सिकनेस का भी होता है खतरा

    रिसर्च बताती है कि माइग्रेन से ग्रसित लोगों को मोशन सिकनेस का खतरा रहता है। ट्रैवलिंग के दौरान मोशन सिकनेस से बचने के लिए कार या बस के सामने वाली सीट पर बैठें। वहीं, ट्रेन या प्लेन में विंडो सीट पर, हाइड्रेशन का ध्यान रखें और अपने डॉक्टर से पूछकर मोशन सिकनेस की दवाई लें।

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