यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Heart Diseases: आम फूड एलर्जीस भी बढ़ा सकती हैं दिल की बीमारी का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा
एक स्टडी में पाया गया कि फूड सेंसिटिविटी कार्डियक डिजीज के खतरे को बढ़ा सकती है। फूड सेंसिटिविटी एक आम समस्या है जिससे कई लोग परेशान होते हैं। चौंकाने ...और पढ़ें

HighLights
- फूड इंटॉलेरेंस या फूड एलर्जी होना एक आम बात है, जिसे लेकर हाल ही में एक शोध किया गया।
- स्टडी में देखा गया कि फूड सेंसिटिविटी से दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
- स्टडी में फूड सेंसिटिविटी से दिल पर क्या असर होता है, इस पर अध्ययन किया गया।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Heart Disease: कई लोग कुछ खास तरह के फूड आइटम्स के प्रति सेंसिटिव होते हैं, जैसे कि कई लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं पचते, यानी वे लैक्टॉस इंटॉलेरेंट होते हैं। अभी तक इस तरह की दिक्कत सिर्फ पाचन या एलर्जी तक ही सीमित थी और इनसे किसी और तरह की समस्या नहीं देखी जाती थी। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी में चौंकाने वाली बात सामने आई है।
रिसर्च में देखा गया कि यह आम फूड सेंसिटिविटी की समस्या, आपके दिल के लिए भी घातक साबित हो सकती है। जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लीनिकल इम्युनोलॉजी में पब्लिश हुई एक स्टडी में पाया गया है कि वे लोग, जो गाय के दूध या अन्य फूड आइटम इंटॉलिरेंट हैं, उनमें दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं क्या पाया गया, इस स्टडी में।
क्या है फूड सेंसिटिविटी?
कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि कुछ चीजों को खाने से उन्हें पेट दर्द, ब्लोटिंग, गैस, डायरिया, कब्ज या उल्टी जैसी समस्या होने लगती है। इसे फूड सेंसिटिविटी या फूड इंटॉलिरेन्स कहा जाता है। फूड इंटॉलिरेंट होने का मतलब होता है कि किसी फूड आइटम जैसे दूध को पचाने में दिक्कत होना या न पचा पाना। यह फूड एलर्जी से बिल्कुल अलग होता है। फूड एलर्जी में आपका इम्यून सिस्टम रिएक्ट करता है, जिससे सूजन या स्किन रैश जैसे लक्षण नजर आते हैं। जबकि फूड सेंसिटिविटी में आपकी पाचन क्रिया में समस्या होती है।
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यह पाया गया इस स्टडी में…
इस रिसर्च के लिए शोधकर्ताओं ने 5,374 लोगों पर काफी लंबे समय तक नजर रखी और पाया कि कॉमन फूड सेंसिटिविटी रिएक्शन की वजह से, दिल की बीमारियों का खतरा धूम्रपान और डायबिटीज से भी अधिक है। इस स्टडी में आईजीई (IgE) एंटी-बॉडिज को स्टडी किया गया और पाया गया कि वे लोग, जिन्हें फूड एलर्जी नहीं भी होती है, वे भी फूड सेंसिटिव होने की वजह से आईजीई एंटी-बॉडी बनाते हैं, जो दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देता है। हालांकि यह एंटी-बॉडी दिल की बीमारी का कारण कैसे बनते हैं, इस पर और अधिक शोध करने की जरूरत है।
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वे लोग, जो गाय का दूध नहीं पचता, उनमें इसका खतरा सबसे अधिक पाया गया है। साथ ही मूंगफली और श्रिम्प्स से इंटॉलिरेंस भी हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाता है। वे लोग, जो फूड सेंसिटिव होते हैं, उनमें एंटी बॉडीज आईजीई बनते हैं, लेकिन उनकी मात्रा एलर्जी की तुलना में कम होती है। इसलिए लोग यह सोचकर उन फूड आइटम्स को खाते रहते हैं कि इनसे उन्हें कोई एलर्जी नहीं हो रही है। लेकिन, यह उनमें कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होने का खतरा बढ़ा देता है। इसलिए अगर आपको किसी खास फूड आइटम को पचाने में तकलीफ होती है, तो उनका परहेज करना शुरू कर दें।
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