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बढ़ता वजन सिर्फ दिल ही नहीं, दिमाग के लिए भी खतरनाक; बढ़ जाती है भूलने की बीमारी

Published: Sun, 17 May 2026 08:17 AM (IST)

एक नए अध्ययन से पता चला है कि मोटापे के कारण शरीर में होने वाले बॉडी फैस से जुड़े बदलाव अल्जाइमर रोग को और गंभीर बना सकते हैं।

बॉडी फैट में बदलाव से गंभीर हो सकता है अल्जाइमर रोग (Image Source: AI-Generated)

बॉडी फैट में बदलाव से गंभीर हो सकता है अल्जाइमर रोग (Image Source: AI-Generated)

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प्रेट्र, नई दिल्ली। अक्सर हम मोटापे को सिर्फ एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या या दिल की बीमारियों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन एक नए अध्ययन ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस रिसर्च के अनुसार, मोटापे के कारण बॉडी फैट में होने वाले बदलाव अल्जाइमर को और भी ज्यादा गंभीर बना सकते हैं।

अल्जाइमर उम्र के साथ बढ़ने वाली एक ऐसी बीमारी है, जिसमें इंसान की याददाश्त और बोलने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। इसके कारण मरीजों को अपने रोजमर्रा के सामान्य काम करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

obesity and alzheimers link

(Image Source: AI-Generated)

मोटापे से बिगड़ सकती है अल्जाइमर की स्थिति

अमेरिका के ह्यूस्टन मेथोडिस्ट अस्पताल के शोधकर्ताओं ने मोटापे को लेकर हमारे पुराने नजरिए को पूरी तरह से बदल दिया है। उनका कहना है कि मोटापे से जुड़ी मेटाबोलिक समस्याओं के कारण शरीर में सूजन आ सकती है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति में, शरीर की चर्बी में होने वाले ये बदलाव हमारे दिमाग को हानिकारक संकेत भेजने लगते हैं। इन गलत संकेतों की वजह से शरीर का इम्यून सिस्टम अपना काम ठीक से नहीं कर पाता है और अल्जाइमर की स्थिति और ज्यादा बिगड़ जाती है।

आखिर कैसे काम करती है यह पूरी प्रक्रिया?

शोधकर्ताओं की टीम ने गहराई से जांच करने पर पाया कि मोटापे के कारण शरीर के टिश्यू में 'फास्फेटिडाइलएथेनोलामाइन' (PE) नाम के एक खास फैट मॉलिक्यूल का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह फैट मॉलिक्यूल शरीर से सफर करता हुआ सीधे हमारे दिमाग तक पहुंच जाता है। दिमाग में पहुंचकर यह PE मॉलिक्यूल न्यूरॉन्स के बीच होने वाले आपसी संचार को रोक देता है, इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है और 'एमायलाइड' नामक हानिकारक प्रोटीन को दिमाग में जमा होने में मदद करता है।

सफल इलाज की जगी उम्मीद

इस अहम रिसर्च के नतीजों को मशहूर 'मोलेक्यूलर न्यूरोडीजेनेरेशन' जर्नल में प्रकाशित किया गया है, जो तंत्रिका तंत्र से जुड़ी इस गंभीर बीमारी के बारे में कई नई जानकारियां देता है। अध्ययन से जुड़े प्रमुख शोधकर्ता स्टीफन वोंग ने एक बड़ी उम्मीद जताते हुए कहा है, "मोटापा दिमाग तक पहुंचने वाले संकेतों में बदलाव कर सकता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि हम इसका उपचार कर सकते हैं।" यह नया अध्ययन न केवल अल्जाइमर के कारणों को गहराई से समझने में मदद करता है, बल्कि भविष्य में इसके लिए एक नया और प्रभावी इलाज विकसित करने का रास्ता भी साफ करता है।

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