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    35 के बाद प्रेग्नेंसी क्यों हो सकती है खतरनाक! IVF एक्सपर्ट ने बताई अंदर की बात

    Updated: Thu, 22 Jan 2026 04:46 PM (IST)

    35 साल की उम्र के बाद मां बनना अब आम है, लेकिन इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं। आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. आस्था गुप्ता के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ अंडों की गुणव ...और पढ़ें

    35 के बाद प्रेग्नेंसी के रिस्क फैक्टर और बर्थ डिफेक्ट (Picture Credit- AI Generated)

    35 के बाद प्रेग्नेंसी के रिस्क फैक्टर और बर्थ डिफेक्ट (Picture Credit- AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बदलते समय के साथ लोगों की जरूरतें भी बदल रही है। अब लोग करियर, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और बेहतर मेडिकल सुविधाओं के चलते 35 साल या उससे ज्यादा उम्र में मां बनना (Late Pregnancy) काफी आम हो गया है। 

    हालांकि, इस उम्र में भी ज्यादातर महिलाएं हेल्दी बच्चों को जन्म देती हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ कुछ चुनौतियां भी आती हैं, जिन्हें समझना जरूरी है। 35 की उम्र के बाद बर्थ डिफेक्ट काफी आम हो जाता है, इसलिए नेशनल बर्थ डिफेक्ट अवेयरनेस मंथ के मौके पर  हमने  दिल्ली आईवीएफ, नई दिल्ली में सीनियर आईवीएफ कंसल्टेंट, इनफर्टिलिटी एक्सपर्ट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजी डॉ. आस्था गुप्ता से बात की और जाना लेट प्रेग्नेंसी कैसे बर्थ डिफेक्ट का कारण बन सकती है।  

    birth defect

    अंडों की कम होती गुणवत्ता 

    डॉक्टर बताती हैं कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं के अंडों (Eggs) की गुणवत्ता नेचुरली प्रभावित होती है। 35 के बाद, डाउन सिंड्रोम या अन्य गुणसूत्र (Chromosomal) संबंधी असामान्यताएं होने की संभावना थोड़ी बढ़ जाती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह समस्या लाइफस्टाइल से ज्यादा 'बायोलॉजिकल एज' से जुड़ी होती है।

    प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याएं 

    देर से कंसीव करने पर महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज (प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज), हाई ब्लड प्रेशर और थायरॉइड जैसी समस्याओं का खतरा रहता है। अगर इन पर कंट्रोल न रखा जाए, तो यह शिशु के विकास को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में यह बच्चे के दिल या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं का कारण भी बन सकता है।

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    मेडिकल साइंस ने आसान की राह

    राहत की बात यह है कि आज मेडिकल साइंस काफी आगे बढ़ चुका है। ऐसे में ब्लड टेस्ट, हाई-लेवल अल्ट्रासाउंड और जेनेटिक स्क्रीनिंग के जरिए किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकता है। इससे माता-पिता को सही फैसला लेने और इलाज की योजना बनाने में मदद मिलती है।

    इन बातों का रखें ध्यान

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    अगर आप 35 के बाद फैमिली प्लानिंग कर रही हैं, तो डॉक्टर की बताई इन बातों का ध्यान जरूर रखें:

    • प्री-कंसेप्शन चेकअप: कंसीव करने से पहले डॉक्टर से मिलें और अपनी हेल्थ चेकअप कराएं।
    • लाइफस्टाइल: अपना वजन नियंत्रित रखें, स्मोकिंग और शराब से पूरी तरह दूर रहें।
    • सप्लीमेंट्स: डॉक्टर की सलाह पर फोलिक एसिड और विटामिन लेना शुरू करें।
    • सही देखभाल और रेगुलर मेडिकल से ज्यादा उम्र में भी एक हेल्दी और सेफ प्रेग्नेंसी पूरी तरह संभव है।

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