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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हियरिंग लॉस से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल, बुढ़ापे में भी नहीं पड़ेगी मशीन लगाने की जरूरत

Published: Tue, 29 Jul 2025 02:20 PM (IST)

लगातार ईयरफोन का इस्तेमाल आस-पास का शोरगुल ईयरबड्स से कानों की सफाई ये सारी ही चीजें हमारे कानों की सेहत ...और पढ़ें

कानों को रखना है हेल्दी, तो अपनाएं ये तरीकें (Picture Credit- Freepik)
कानों को रखना है हेल्दी, तो अपनाएं ये तरीकें (Picture Credit- Freepik)

HighLights

  1. जीवन में सुनने की क्षमता कम होना गंभीर समस्या है।
  2. युवाओं में ईयरप्लग हियरिंग लॉस का बड़ा कारण है।
  3. आप कुछ टिप्स की मदद से अपने कानों को लंबे समय तक हेल्दी रख सकते हैं।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपने कई बार फिल्मों में किसी किरदार को ऊंचा सुनते (hearing loss prevention tips) हुए देखा होगा, जो कुछ का कुछ सुन लेता है और सारी गड़बड़ हो जाती है। भले ही फिल्मी परदे पर दर्शकों को ऐसे सीन हंसाते हों, लेकिन असल जिंदगी में सुनने की क्षमता कम होना एक गंभीर समस्या है।

यह आपके रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना सकती है। आपको अलग-थलग और अकेला होने पर मजबूर कर सकती है। आखिर ऐसा क्या किया जाए जिससे सुनने की क्षमता (hearing safety tips) सुरक्षित रहे और लंबे समय तक हियरिंग की समस्या (how to protect ears) न हो।

कानों में बजती है घंटी

आजकल युवाओं में ईयरप्लग को हियरिंग लॉस की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। 85 डेसिबल से ऊपर की आवाज को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। यह आवाज जितनी तेज होगी डैमेज होने के लिए उतना ही कम समय लगेगा। कहीं तेज आवाज में म्यूजिक बज रहो हो तो स्पीकर के आस-पास खड़े न हों। बहुत तेज आवाज के बीच ज्यादा देर तक रहने के बाद लोगों को काफी दिनों तक कानों में घंटी बजने जैसा महसूस होता है।

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डब्लूएचओ क्या कहता है

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि अगर आप हेडफोन्स का इस्तेमाल कर भी रहे हैं, तो 60 मिनट तक 60% वॉल्यूम में ही सुनें।

तुरंत डॉक्टर के पास जाएं

अगर आपको नींद से जगते ही एक कान से बिलकुल सुनाई नहीं पड़ रहा या हियरिंग लॉस की गंभीर समस्या हो गई है तो तुरंत ही कान के डॉक्टर के पास जाएं। कुछ लोगों को बार-बार कान में इंफेक्शन की समस्या हो जाती है, यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में भी डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

कॉटन बड का इस्तेमाल न करें

कानों की सही देखभाल का मतलब है कॉटन बड का इस्तेमाल ना करना। कानों के नेचुरल ऑयल को बनाए रखें, इससे इन्फेक्शन का खतरा नहीं होगा। ड्राई स्किन की वजह से समस्या हो सकती है और कई बार उंगली डालने से भी खुजली या इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। नहाने या स्वीमिंग के बाद टॉयलेट पेपर या बिलकुल पतले साफ कपड़े को छोटी उंगली में रखकर जितनी दूर हो सके पोंछ लें। अगर पेपर या कपड़े पर हल्का पीला रंग नजर आए तो घबराने की बात नहीं। इससे आगे कान की सफाई ना करें।

वैक्स है जरूरी

कान में वैक्स होने का मतलब यह नहीं है कि आपके कान गंदे हैं या अनहेल्दी हैं। कानों की सेहत के लिए वैक्स जरूरी है, क्योंकि इसमें एक ऐसा एंजाइम होता है, जो कान में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया और वायरस को मार सकता है। यह स्किन को भी मॉइश्चराइज रखता है। घर पर कभी भी वैक्स निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, यह खतरनाक हो सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • अगर आपके कान ब्लॉक हो गए हैं तो ऑयल-बेस्ड ईयर ड्रॉप एक ऑप्शन है। इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
  • कान से जुड़ी किसी प्रकार की समस्या होने पर स्वीमिंग के दौरान ईयरप्लग लगाने से काफी मदद मिलती है। वैसे जिन लोगों को कान से जुड़ी परेशानी है, उनके लिए नदी या समंदर में तैरना ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है।
  • हवाई सफर करते समय कान ब्लॉक हो जाते हैं जोकि तकलीफदेह एहसास है। इस दौरान कुछ न कुछ चबाते रहने से राहत मिलती है। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या जूस पीते रहने से भी मदद मिलती है।

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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।