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सिर्फ पेट ही नहीं, दिल के लिए भी फायदेमंद है किशमिश, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से जानें इसे खाने का सही तरीका

Published: Wed, 28 Jan 2026 11:33 AM (GMT+05:30)

किशमिश फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और आयरन से भरपूर होती है, जो पेट से लेकर दिल तक की सेहत के लिए फायदेमंद ...और पढ़ें

रोज किशमिश खाने से सेहत में क्या बदलाव हो सकते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

रोज किशमिश खाने से सेहत में क्या बदलाव हो सकते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

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संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किशमिश फाइबर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और आयरन से भरपूर एक ड्राई फ्रूट है, जिसे अगर आप अपनी रोज की डाइट का हिस्सा बना लें, तो कई परेशानियां आपसे कोसों दूर रहेंगी।

हाल ही में, इस बारे में गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स्य ने भी इस के बारे में बताया। उनके अनुसार, आप रोजाना किशमिश खाते हैं, तो यह आपके पेट से लेकर दिल तक की सेहत को बदल सकता है। आइए जानें इस बारे में। 

पाचन तंत्र के लिए वरदान

डॉ. वत्स्य के अनुसार, किशमिश में मौजूद फाइबर पेट साफ करने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना देते हैं। अक्सर लोग कब्ज और मल त्याग के दौरान होने वाले तनाव से परेशान रहते हैं। किशमिश खाना इस तनाव को कम करता है और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है।

 
 
 
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सोरबिटोल का कमाल

किशमिश में सोरबिटोल पाया जाता है। यह आंतों को संकेत भेजता है, जिससे मल में नमी बनी रहती है। जब मल में नमी होती है, तो वह नरम हो जाता है और आसानी से शरीर से बाहर निकल जाता है।

कब्ज, बवासीर और फिशर से राहत

नियमित रूप से किशमिश खाने से मल नरम और सुचारू हो जाता है। गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट बताते हैं कि जब मल त्यागने के लिए जोर नहीं लगाना पड़ता, तो बवासीर और फिशर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा उपाय है जो पुरानी कब्ज से जूझ रहे हैं।

एसिडिटी और ब्लोटिंग से छुटकारा

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बाहर के खाने से एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या आम है। किशमिश पेट की एसिडिटी को कम करने में मदद करती है, जिससे भारीपन महसूस नहीं होता।

क्या किशमिश दिल की सेहत के लिए भी अच्छी है?

जी हां, किशमिश न केवल पेट बल्कि दिल का भी ख्याल रखती है। डॉ. वत्स्य के अनुसार, पोटेशियम होने के कारण यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। किशमिश के एंटी-ऑक्सीडेंट्स आर्टरीज को सुरक्षित रखते हैं और दिल के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। साथ ही, किशमिश शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करती है, जो दिल की धड़कन को नियमित रखने के लिए जरूरी है।

क्या है खाने का सही तरीका और मात्रा?

  • दिन के किसी भी समय- आप रोजाना 5-6 सूखी किशमिश चबाकर खा सकते हैं।
  • सुबह खाली पेट- रात भर पानी में भिगोई हुई 8-10 किशमिश सुबह खाली पेट खाएं। भिगोने से पोषक तत्वों का अब्जॉर्प्शन बेहतर होता है। साथ ही, किशमिश भिगोने के बाद उसका पानी फेंकें नहीं, बल्कि उसे भी पी लें। वह पानी भी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।