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जिम के महंगे कपड़े शरीर में घोल रहे जहर! स्किन इन्फेक्शन से लेकर हार्मोनल गड़बड़ी तक का है खतरा

Published: Wed, 15 Apr 2026 03:34 PM (IST)

जिम के लिए आप जो स्टाइलिश एक्टिववियर्स खरीदते हैं, वो चुपके-चुपके आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्या जिम के लिए बने एक्टिववियर्स हैं सेहत के लिए नुकसानदेह? (Picture Courtesy: Freepik)

क्या जिम के लिए बने एक्टिववियर्स हैं सेहत के लिए नुकसानदेह? (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल फिटनेस का क्रेज काफी बढ़ रहा है और इसलिए कई लोगों जिम जाना भी पसंद करते हैं। जिम जाना सिर्फ एक्सरसाइज करने तक सीमित नहीं रह गया है। अब बाजार में कई तरह के एक्टिववियर्स भी मिलते हैं, जो देखने में काफी स्टाइलिश होते हैं और दावा करते हैं कि आपकी परफॉर्मेंस बढ़ाने में भी मदद करेंगे। 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिम के लिए बने ये एक्टिववियर आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकते हैं? आइए इस बारे में डॉ. चांदनी जैन गुप्ता (डर्मेटोलॉजिस्ट एंड एस्थेटिक फिजिशियन, एटलांटिस हेल्थ केयर, नई दिल्ली) से जानें। 

क्या है असली खतरा?

अमेरिका में एक्टिववियर में पाए जाने वाले केमिकल्स को लेकर शुरू हुए विवाद ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, ज्यादातर जिम के कपड़े प्लास्टिक से बने पॉलीमर से बने होते हैं। इन कपड़ों को स्ट्रेचेबल, पसीना सोखने वाला और बदबू रोकने के लिए बनाने के लिए एंडोक्राइन-डिस्प्टिंग केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। 

ये ऐसे केमिकल हैं, जो हमारे शरीर के हार्मोन सिस्टम में गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। ये केमिकल्स एंडोक्राइन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करते हैं, जिनके कारण हार्मोनल इंबैलेंस हो सकता है।

भारत में भी इस तरह के सिंथेटिक कपड़ों का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन यहां इन केमिकल्स को मापने या रेगुलेट करने के लिए जरूरी औजारों और नियमों की कमी है।

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(Picture Courtesy: Freepik)

त्वचा और शरीर पर बुरा असर

भारत जैसी गर्म जलवायु वाली जगहों पर ये कपड़े और भी घातक हो सकते हैं। जब हम पसीने में तर-बतर होते हैं और टाइट सिंथेटिक कपड़े पहनते हैं, तो त्वचा पर इसका सीधा असर दिखता है। इसके कारण फंगल इन्फेक्शन और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। 

शरीर के खास हिस्से जैसे कमर और कूल्हों के पास, जहां कपड़े त्वचा से ज्यादा चिपके रहते हैं, वहां इन केमिकल्स का अब्जॉर्प्शन और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

केमिकल्स का जाल

जिम वियर को बेहतर बनाने के लिए PFAS और Phthalates जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये केमिकल्स हार्मोनल इंबैलेंस से जुड़े हुए हैं। भारत में बिकने वाले कपड़े, चाहे वे बड़े ग्लोबल ब्रांड्स के हों या लोकल कंपनियों के अक्सर ऐसे ही केमिकली ट्रीटेड फैब्रिक का इस्तेमाल करते हैं।

भारत में टेक्सटाइल केमिकल का रेगुलेशन अभी भी काफी कमजोर है। ऐसे में यह जानना मुश्किल हो जाता है कि हम जो कपड़ा पहन रहे हैं, वह कितना सुरक्षित है। 

इसलिएअगली बार जब आप जिम के लिए नए कपड़े खरीदें, तो केवल स्टाइल और फिटिंग न देखें। याद रखें कि पसीने और गर्मी के बीच सिंथेटिक कपड़ों से निकलने वाले केमिकल आपकी त्वचा के जरिए शरीर में जा सकते हैं। इसलिए सोच समझकर कपड़े खरीदें।