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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Breathing Right Way: क्या आप भी मुंह से लेते हैं सांस? तो जान लें इसके नुकसान!

    By Ruhee ParvezEdited By:
    Updated: Thu, 16 Sep 2021 04:03 PM (GMT+05:30)

    Breathing Right Way क्या आप कभी-कभी अपने मुंह से सांस लेते हैं? अगर हां तो आर्टिकल आपके काम आ सकता है। सिलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने समझाया ...और पढ़ें

    क्या आप भी मुंह से लेते हैं सांस? तो जान लें इसके नुकसान!
    क्या आप भी मुंह से लेते हैं सांस? तो जान लें इसके नुकसान!

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Breathing Right Way: सांस लेना हमारी ज़िंदगी का सबसे ज़रूरी काम है, लेकिन फिर भी हम कभी यह सोचते ही नहीं कि सांस कैसे ले रहे हैं। आपके फेफड़ों तक जाने के लिए दो वायु मार्ग हैं- नाक और मुंह। नाक से सांस लेना सामान्य माना जाता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो मुंह से सांस लेते हैं, खासकर रात में या सोते समय। क्या आप भी सोते समय मुंह से सांस लेते हैं? अगर हां, तो इसका मतलब है कि कुछ आपके नियंत्रण से बाहर है!

    मुंह से सांस लेना बस एक प्रक्रिया है, जिसमें हम सांस लेने के लिए मुंह खोलते हैं और हवा छोड़ते हैं। और जब हम नाक से सांस लेते और छोड़ते हैं तो, इसे नाक से सांस लेना कहा जाता है। जब नाक का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है, तो ज्यादातर लोग अपने मुंह से सांस लेते हैं। लेकिन क्या होगा अगर हम आपसे कहें कि मुंह से सांस लेना हानिकारक हो सकता है? हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा!

    हाल ही में, सिलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि कैसे मुंह से सांस लेना आपके लिए अच्छा नहीं है। उनकी पोस्ट मुंह से सांस लेने के कारणों पर फोकस्ड थी, खासकर रात के दौरान और नाक से सांस लेना कैसे वज़न घटाने के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    मुंह से सांस लेने के क्या कारण हैं

    मखीजा ने समझाया, "हमारे स्वायत्त तंत्रिका तंत्र में दो मुख्य हैं शाखाए, सहानुभूतिपूर्ण और परानुकंपी। सहानुभूति शाखा हमारी 'लड़ाई या उड़ान' प्रतिक्रिया के लिए ज़िम्मेदार है, जबकि पैरासिम्पेथेटिक शाखा 'आराम और पाचन, प्रवृत्ति' के लिए जिम्मेदार है।

    मुंह से सांस लेना आपके शरीर को एक सहानुभूतिपूर्ण स्थिति की ओर ले जाता है, जबकि नाक से सांस लेने से पैरासिम्पेथेटिक प्रतिक्रिया सक्रिय हो जाती है। अगर आप मुंह से सांस लेते हैं, तो वर्कआउट करने से आपके वज़न पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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    नाक से सांस लेना कैसे वज़न घटाने के लिए होता है मददगार

    मुंह से सांस की कारणों को समझाते हुए मखीजा ने बताया कि नाक से सांस लेने से आपको वज़न घटाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा, क्योंकि जब आप सोते हैं, जो शरीर की रिकवरी का बड़ा हिस्सा उसी वक्त होता है, इसलिए उस वक्त नाक से सांस लेना ज़रूरी हो जाता है ताकि आपका सिस्टम रेस्ट और डायजेस्ट मोड पर आ जाए। यही वजह है कि नाक से सांस लेना वज़न घटाने के लिए बेहद ज़रूरी है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।