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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Diabetes Risk: लाइफस्टाइल से जुड़ी 7 आदतें, जो डायबिटीज़ के ख़तरे को बढ़ाती हैं

    By Ruhee ParvezEdited By:
    Updated: Tue, 20 Sep 2022 10:55 AM (IST)

    Diabetes Risk टाइप-2 डायबिटीज़ भारत में आज एक आम बीमारी हो गई है। डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जिससे रिकवर नहीं हुआ जा सकता। साथ ही यह दूसरी कई गंभीर बी ...और पढ़ें

    Diabetes Risk: डायबिटीज से बचना है तो बदलें लाइफस्टाइल के ये 7 आदतें
    Diabetes Risk: डायबिटीज से बचना है तो बदलें लाइफस्टाइल के ये 7 आदतें

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Diabetes Risk: भारत में डायबिटीज़ के मरीज़ों का आकड़ा पिछले काफी समय से तेज़ी से बढ़ रहा है, कि यह बीमारी आम हो गई है। डॉक्टर्स का मानना है कि इसका कारण खाने की खराब आदत और अस्वस्थ लाइफस्टाइल है। टाइप-1 डायबिटीज़ जेनेटिक होती है और मां-बाप से बच्चों में चली जाती है। जबकि, टाइप-2 डायबिटीज़ खराब डाइट और लाइफस्टाइल के कारण होती है। यानी टाइप-2 डायबिटीज़ से बचाव संभव है।

    तो आइए जानें ऐसी लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों के बारे में जो डायबिटीज़ का कारण बन सकती हैं।

    1. आलस भरी लाइफस्टाइल

    दिन में ज़्यादातर समय आराम करते रहना या काउच पर पड़े रहना, एक तरह से कई बीमारियों को न्योता देने जैसा है। खासतौर पर ज़्यादा काम न करने से दिल और फेफड़ों की सेहत पर काफी असर पड़ता है। शोध से भी पता चलता है कि जो लोग पूरा दिन लेटे या बैठे रहते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज़ का ख़तरा बढ़ जाता है।

    2. हाई कैलोरी डाइट

    हाई कैलोरी वाली डाइट आप में टाइप-2 डायबिटीज़ और मोटापे का ख़तरा बढ़ाने का काम करती है। एक व्यक्ति को उतनी ही कैलोरी खानी चाहिए जितनी वह रोज़ाना बर्न करता है। अगर आप रोज़ाना कम एक्टिविटी करते हैं, तो आपकी डाइट भी लो-कैलोरी होनी चाहिए।

    3. एक्सरसाइज़ न करना

    कई रिसर्च में पता चला है कि एक्सरसाइज़ से शरीर की श्वसन प्रणाली को स्वस्थ रखता है, लेकिन अगर आपके परिवार में मधुमेह का इतिहास है, तो व्यायाम रोग के विकास के जोखिम को कम कर सकता है।

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    4. धूम्रपान और शराब का सेवन

    दिल की बीमारी, हाई कोलेस्ट्ऱॉल, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ जैसी बीमारियां, सीधे तौर पर स्मोकिंग और शराब के सेवन से जुड़ी हैं। धूम्रपान से धमनियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त वाहिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव होता है, जिससे मधुमेह और दिल के दौरे दोनों का ख़तरा बढ़ जाता है।

    5. पोषण की कमी

    पोषण की कमी से कई तरह की बीमारियां जन्म ले लेती हैं, जिसका असर आपकी पूरी सेहत पर पड़ता है। कई शोध से पता चला है कि हेल्दी खाना, वीगन डाइट और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन डायबिटीज़ के जोखिम को कम करता है। साथ ही, एक संतुलित आहार जिसमें प्रोटीन, फाइबर, स्वस्थ वसा और कार्बोहाइड्रेट शामिल होते हैं, शरीर को इंसुलिन के स्तर और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

    6. मोटापा

    वसा जो लिवर सहित शरीर के दूसरे अंगों में जमा होती है, डायबिटीज़ से जुड़ी है। नतीजतन, व्यक्ति का वज़न बढ़ना शुरू हो जाता है, जिससे भविष्य में मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, जिनका बॉडी मास इंडेक्स कम होता है, उन्हें इसका ख़तरा कम होता है।

    7. तनाव

    तनाव शारीरिक और मानसिक कामकाज को बाधित करता है, जिससे मोटापा, इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह का ख़तरा बढ़ जाता है। लोगों को व्यायाम करने, ध्यान लगाने और स्वस्थ आहार लेने के साथ-साथ तनाव से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे यह समस्या और बढ़ सकती है।

    Disclaimer: लेख में दिए गए सुझाव और टिप्स सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी तरह के सवाल या परेशानी हो तो फौरन अपने डॉक्टर से सलाह करें।

    Picture Courtesy: Freepik/Pexel