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भाग्यश्री का छलका दर्द: 40 की उम्र के बाद हर महिला को क्यों देखनी पड़ती है 'पेरीमेनोपॉज' की यह मुश्किल घड़ी?

Published: Fri, 04 Sep 2026 12:21 PM (IST)

महिलाओं के लिए मेनोपॉज की वजह से 40 की उम्र के बाद का जीवन थोड़ा चुनौतियों भरा हो सकता है।

पेरीमेनोपॉज के दौरान होने वाले हॉर्मोनल बदलाव (Image Source: AI Generated)

पेरीमेनोपॉज के दौरान होने वाले हॉर्मोनल बदलाव (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। महिलाएं जैसे ही 40 की उम्र पार करती हैं उनकी लाइफ में एक बड़ा ट्रांजिशनल पीरियड आता है जिसे पेरीमेनोपॉज कहते हैं। दरअसल, यह स्टेज उनकी पीरियड के खत्म होने से पहले की होती है जिसमें उन्हें कई सारे शारीरिक और भावनात्मक बदलावों से गुजरना पड़ता है। 

हाल ही में, भाग्यश्री ने अपनी पेरीमेनोपॉज जर्नी से जुड़ी चुनौतियों के बारे में खुलकर शेयर किया है, ऐसे में आइए जानते हैं कि महिलाओं को पेरीमेनोपॉज के दौरान कौन-कौन से बदलावों का सामना करना पड़ता है। 

पेरीमेनोपॉज क्या है? 

पेरीमेनोपॉज एक महिला के जीवन का ऐसा चरण है जब वो मेनोपॉज की स्टेज तक पहुंच रही होती हैं। इस दौरान, ओवरीज कम हॉर्मोन बनाते हैं, जिसकी वजह से मेन्स्ट्रुअल साइकिल अनियमित होने लगता है। इसे आसान भाषा में समझें तो इस स्टेज में एक महिला की रिप्रोडक्टिव एज खत्म होने की कगार पर होती है। 

पेरीमेनोपॉज के दौरान होने वाले हॉर्मोनल बदलाव 

महिला के शरीर में ओवरीज एस्ट्रोजन बनाती हैं, जिससे रिप्रोडक्टिव सिस्टम बेहतर ढंग से काम करता है। फिर जैसे-जैसे उम्र बढ़ने के साथ एस्ट्रोजन लेवल कम होने लगता है, उससे प्रोजेस्टेरोन के साथ बैलेंस बिगड़ने लगता है। नतीजतन, हॉर्मोन्स किसी रोलरकोस्टर की तरह ऊपर-नीचे होते रहते हैं। 

जब शरीर मेनोपॉज तक पहुंचता है तो पीरियड्स बिल्कुल बंद हो जाते हैं और प्रेग्नेंट होने की शरीर की क्षमता खत्म हो जाती है। 

पेरीमेनोपॉज शुरू होने की उम्र 

मेनोपॉज के शुरू होने से 8-10 साल पहले पेरीमेनोपॉज के लक्षण दिखने लगते हैं। ये लक्षण आमतौर पर 40 या उससे बाद की उम्र में दिखते हैं। कई मामलों में मेनोपॉज जल्दी भी शुरू हो सकता है और इस स्थिति को प्रीमैच्योर मेनोपॉज कहा जाता है। 

कैसे करें पहचान? 

अब सवाल यह उठता है कि कैसे पहचाना जाए कि कोई महिला पेरीमेनोपॉज की स्टेज में है तो इसके लिए कई संकेत हैं: 

  • अनियमित पीरियड्स 

  • रात में ज्यादा पसीना आना 

  • चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन 

  • हॉट फ्लैश 

  • वजाइनल ड्राइनेस 

  • कम लिबिडो

  • बार-बार यूरिन आना 

  • इंसोम्निया

पेरीमेनोपॉज कितने समय तक रहता है? 

यह शुरू तो मेनोपॉज से 8-10 साल पहले होता है पर इसकी औसत अवधि ज्यादातर 4-5 सालों तक देखी जाती है। कुछ महिलाओं के लिए पीरियड्स की यह स्टेज कुछ महीनों की हो सकती है तो कुछ के लिए कई सालों तक इसके लक्षण दिख सकते हैं। 

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Source: Cleveland Clinic