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हर 7 में से 1 टीनएजर है मानसिक बीमारी का शिकार, बच्चों में एंग्जायटी के इन लक्षणों से करें पहचान

Published: Fri, 09 Oct 2026 12:11 PM (IST)

टीनएजर्स में एंग्जायटी एक बहुत कॉमन समस्या है। पढ़ाई और सोशल मीडिया का दबाव इसके बड़े कारण हैं।

एंग्जायटी के लक्षणों की करें पहचान (Picture Courtesy: Freepik)

एंग्जायटी के लक्षणों की करें पहचान (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के डेटा के मुताबिक, हर सात में से एक टीनएजर किसी न किसी मेंटल डिसऑर्डर से जूझ रहा है। इसमें एंग्जायटी काफी कॉमन है। पढ़ाई का स्ट्रेस, सोशल मीडिया का प्रेशर और भविष्य से जुड़ी चिंताएं अक्सर टीनएजर्स के मेंटल हेल्थ पर असर डालती है। 

इसलिए जरूरी है कि एंग्जायटी के लक्षणों को समय पर पहचाना जाए, नहीं तो ये उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। आइए जानें एंग्जायटी के लक्षण कैसे होते हैं और इसे कंट्रोल करने के लिए क्या कर सकते हैं।  

कैसे होते हैं एंग्जायटी के लक्षण?

एंग्जायटी सिर्फ दिमाग तक सीमित नहीं रहती। इसके लक्षण शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक रूप में भी सामने आ सकते हैं। 

दिल की धड़कनें तेज होना, सिरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ, भूख न लगना, उल्टी, दस्त या कब्ज, बहुत पसीना आना, हाथ-पैर कांपना, छाती में दर्द या घुटन महसूस होना एंग्जायटी के शारीरिक लक्षण हो सकते हैं। 

वहीं, बेचैनी महसूस होना, बहुत स्ट्रेस, बीते हुए कल या भविष्य के बारे में बहुत सोचना, फोकस करने में परेशानी, रात में नींद न आना, डर लगना, रोना आना या पुराने दर्दनाक पल बार-बार याद आना एंग्जायटी के मानसिक लक्षण हो सकते हैं।  

एंग्जायटी के कारण व्यवहार में भी बदलाव हो सकता है, जैसे- कुछ खास चीजों या जगहों से दूरी बनाना, कुछ भी नया ट्राई करने में डर महसूस होना, दोस्तों या परिवार से दूरी बनाना या बार-बार एक ही काम को दोहराना। ये लक्षण एंग्जायटी के लक्षण हो सकते हैं। इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

एंग्जायटी को कंट्रोल कैसे करें? 

एंग्जायटी महसूस होने पर अपने किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवार के सदस्य या काउंसलर से इस बारे में बात करें। फिजिकल एक्टिविटी भी एंग्जायटी कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। इसलिए दौड़ना, टहलना या स्विमिंग जैसी एक्टिविटीज को रूटीन में शामिल करें। डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन भी एंग्जायटी कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

इसके साथ ही, कुछ चीजों से बचना भी जरूरी है, जैसे- एक साथ बहुत सारे काम शुरू न करें। सिगरेट, शराब, ड्रग्स जैसी नशीली चीजों से दूर रहें। चाय-कॉफी सीमित मात्रा में पिएं और कोशिश करें कि किसी भी बात को लेकर ओवरथिंकिंग न करें।  



Source: 
  • National Health Service