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निजाम की एक फरमाइश ने बदल दी हैदराबाद की सुबह-शाम! खास है भारत के रॉयल उस्मानिया बिस्किट की कहानी

Published: Sun, 30 Aug 2026 05:04 PM (IST)

भारत का एक बिस्कुट ऐसा भी है जिसका इतिहास एकदम शाही है।

उस्मानिया बिस्कुट की कहानी (Image Source: AI Generated)

उस्मानिया बिस्कुट की कहानी (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हैदराबाद का नाम सुनते ही हमें वहां की मशहूर बिरयानी याद आती है, लेकिन इस राज्य की एक और खास चीज है। दरअसल, यहां बात उस्मानिया बिस्कुट की हो रही है, आइए इसका इतिहास जानते हैं कि आखिर एक बिस्कुट का नाम कैसे उस्मानिया पड़ा। 

हैदराबाद के आखिरी निजाम से जुड़ी है कहानी 

उस्मानिया बिस्कुट की कहानी हैदराबाद के सातवें और आखिरी निजाम मीर उस्मान अली खान से जुड़ी हुई है। कहते हैं निजाम ने ऐसे नाश्ते की फरमाइश की थी जिसमें मीठा और नमकीन दोनों का स्वाद शामिल हो। फिर क्या मशहूर विकजी होटल के बावर्ची ने बना डाला शाही उस्मानिया बिस्कुट। 

इसका स्वाद मीर उस्मान को इतना पसंद आया था कि इसे ज्यादा मात्रा में बनवाया जाने लगा और कुछ समय बाद लोगों के  बीच भी इसकी लोकप्रियता बढ़ गई। कहा जाता है कि निजाम को इस बिस्कुट की ऐसी लत हो गई थी कि हर शाम नाश्ते से पहले उनके महल से एक गाड़ी निकालकर होटल में यह बिस्कुट लेने पहुंचती थी।

मरीजों को तुरंत एनर्जी देने  के लिए बने थे बिस्कुट 

दूसरी कहानी मरीजों की इलाज से जुड़ी हुई है। कहा यह भी जाता है कि 1910 में निजाम ने अपने नाम से एक अस्पताल बनवाया था, जहां के मरीजों को तुरंत एनर्जी देने के लिए वहां के डाइटीशियन इसे बनवाया था। इसे बनाने के लिए गेहूं आटे में मक्खन, कस्टर्ड पाउडर, चीनी, सोडा, इलायची के साथ केसर का दूध भी उपयोग किया गया था। बताते चलें कि इन्हें बनाने की प्रेरणा तुर्किए और फारस से ली गई थी। 

इसके बाद अस्पताल के आसपास के होटलों में भी इस बिस्कुट को बनाया जाने लगा और आगे चलकर ये बिस्कुट उस्मानिया बिस्कुट कहलाए। 

ईरानी चाय और उस्मानी बिस्कुट का कॉम्बो 

जब ये बिस्कुट लोगों की बीच खूब लोकप्रिय हो गए तो हैदराबाद की ईरानी कैफेज में इन्हें ईरानी चाय के साथ परोसा जाने लगा। आज भी एकदम कड़क मलाईदार चाय के साथ मीठे-नमकीन खस्ता उस्मानी बिस्कुट शाम के नाश्ते का मजा ही डबल कर देते हैं। 

इस तरह आज यह केवल एक नाश्ता नहीं रहा, बल्कि हैदराबाद की संस्कृति का ही अहम हिस्सा बन चुका है। इसमें भी आज हैदराबाद के मोअज्जम जाही मार्केट में स्थिति कराची बेकरी के उस्मानिया बिस्कुट की तो बात ही निराली है।  

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