विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ज्वार-बाजरे की रोटी और बेसन का स्वाद: क्या है महाराष्ट्र के पारंपरिक सुपरफूड 'पिठला-भाकरी' की खासियत

Published: Sun, 07 Jun 2026 02:20 PM (IST)

महाराष्ट्र के पारंपरिक व्यंजनों में से एक है पिठला-भाकरी। यह स्वाद में तो लाजवाब होता ही है। साथ ही, सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

सादगी और पोषण का अनोखा मिश्रण है पिठला-भाकरी (AI Generated Image)

सादगी और पोषण का अनोखा मिश्रण है पिठला-भाकरी (AI Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप किसी भी जगह की संस्कृति को करीब से समझना चाहते हैं, तो आपको वहां के पारंपरिक व्यंजनों और खान-पान के बारे में जरूर जानना चाहिए। आज हम बात महाराष्ट्र की कर रहे हैं। वैसे तो इस राज्य का नाम लेते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले वड़ा पाव या मिसल पाव आता है, लेकिन यहां की एक और खास डिश है पिठला भाकरी।  

पिठला-भाकरी महाराष्ट्र के सबसे मशहूर व्यंजनों में से एक है अपनी सादगी, बेहतरीन स्वाद और पौष्ट्रिकता के लिए मशहूर है। यह व्यंजन इतना स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है कि महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में तो इसे रोजमर्रा के खाने का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। आइए जानें इस लाजवाब और पौष्टिक डिश की खासियत।  

क्या होता है पिठला?

पिठला की बात करें, तो यह मुख्य रूप से बेसन से तैयार किया जाने वाला एक गाढ़ा और मसालेदार व्यंजन है। इसे बनाने के लिए बेसन के साथ हरी मिर्च, लहसुन, प्याज और पारंपरिक मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे कई जगहों पर बेसन-पिठला भी कहा जाता है। वैसे तो इसे आमतौर पर भाकरी के साथ ही परोसा जाता है, लेकिन कई इलाकों में लोग इसे चावल के साथ भी चाव से खाते हैं।

Pithla Bhakri (2)

(Picture Courtesy: Freepik)

भाकरी के बिना अधूरा है पिठला का स्वाद

पिठला का असली मजा तब तक नहीं आता, जब तक थाली में उसके साथ गरमा-गरम भाकरी न हो। भाकरी को आमतौर पर ज्वार या बाजरे के आटे से तैयार किया जाता है। गेहूं के आटे के मुकाबले इसका आटा थोड़ा दरदरा होता है, जिससे यह रोटी बेहद स्वादिष्ट और खास बनती है। लोग अपनी पसंद के हिसाब से इसे नरम या थोड़ी सख्त बनाकर खाते हैं।

इन राज्यों में भी है भारी डिमांड

भाकरी सिर्फ महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के दूसरे राज्यों, जैसे- गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक में भी इसे बड़े चाव के साथ खाया जाता है। हालांकि, इसे आमतौर पर ज्वार और बाजरे से ही बनाया जाता है, लेकिन कुछ जगहों पर मक्का और चावल के आटे का भी इस्तेमाल होता है। मोटे अनाज से बनी होने के कारण भाकरी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिहाज से भी काफी पौष्टिक होती है।