यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या संतरे और किन्नू में फर्क करना जानते हैं आप? खरीदते वक्त 90% लोग कर बैठते हैं गलती
सर्दियों में संतरा किन्नू माल्टा और चकोतरा जैसे फल अपनी ताजगी और स्वाद से हर किसी को लुभाते हैं लेकिन इनमें से दो फल ऐसे हैं जो अक्सर लोगों को कन्फ्यू ...और पढ़ें

HighLights
- संतरा और किन्नू दोनों ही फल सेहत के लिए फायदेमंद हैं।
- एक से दिखने के बावजूद इन दोनों फलों में काफी अंतर होता है।
- कुछ टिप्स को फॉलो करके आप दोनों में से अपना बेस्ट चुन सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Difference Between Oranges And Kinnows: संतरा और किन्नू, दोनों ही खट्टे-मीठे स्वाद वाले फल हैं जो सर्दियों के मौसम में बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। ये फल न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें विटामिन-सी और अन्य पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है, जो हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि संतरा और किन्नू दो अलग-अलग फल हैं? जी हां, अक्सर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं और खरीदारी के दौरान गलती कर बैठते हैं। आइए, आज हम इन दोनों फलों के बीच के अंतर (How To Identify Oranges And Kinnows) को समझते हैं और जानते हैं कि इन्हें कैसे पहचाना जाए।

उत्पत्ति और प्रजाति
संतरा और किन्नू दोनों ही सिट्रस (Citrus) परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन इनकी प्रजाति और उत्पत्ति अलग-अलग है। संतरा, जिसे वैज्ञानिक भाषा में सिट्रस साइनेंसिस (Citrus sinensis) कहा जाता है, चीन और दक्षिण पूर्व एशिया में उत्पन्न हुआ था। वहीं, किन्नू (सिट्रस रेटिकुलेटा या सिट्रस नोबिलिस) एक संकर प्रजाति है, जो संतरे और मैंडरिन (Mandarin) के संयोजन से बनी है। किन्नू की उत्पत्ति भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण एशिया में हुई मानी जाती है।
आकार और रंग
संतरे और किन्नू के आकार और रंग में भी काफी अंतर होता है। संतरा आमतौर पर गोल और थोड़ा बड़ा होता है, जबकि किन्नू छोटा और थोड़ा चपटा (फ्लैट) होता है। संतरे का छिलका मोटा और थोड़ा खुरदुरा होता है, जबकि किन्नू का छिलका पतला और चिकना होता है। रंग के मामले में, संतरे का रंग गहरा नारंगी होता है, जबकि किन्नू का रंग हल्का नारंगी या पीला हो सकता है।
खबरें और भी
छिलका निकालने में आसानी
किन्नू का छिलका निकालना संतरे की तुलना में बहुत आसान होता है। किन्नू का छिलका पतला और ढीला होता है, जिसे आसानी से हाथ से निकाला जा सकता है। वहीं, संतरे का छिलका मोटा और चिपकने वाला होता है, जिसे निकालने के लिए चाकू का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। यही कारण है कि किन्नू को बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है।
यह भी पढ़ें- संतरा एक फायदे अनेक, सर्दियों का सुपरफूड है ये फल, रोजाना खाने से रहेंगे सेहतमंद
स्वाद का फर्क
स्वाद के मामले में भी दोनों फलों में अंतर होता है। संतरे का स्वाद खट्टा-मीठा होता है और इसमें रस की मात्रा अधिक होती है। वहीं, किन्नू का स्वाद संतरे की तुलना में ज्यादा मीठा और कम खट्टा होता है। किन्नू में रस की मात्रा थोड़ी कम होती है, लेकिन इसका स्वाद अधिक सुगंधित और ताज़ा होता है।
किसमें होते हैं ज्यादा बीज
संतरे और किन्नू में बीज की संख्या भी अलग-अलग होती है। संतरे में बीज की संख्या ज्यादा होती है, जबकि किन्नू में बीज कम या न के बराबर होते हैं। यही कारण है कि किन्नू को खाने में ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है, खासकर बच्चों के लिए।
पोषक तत्वों का अंतर
दोनों फलों में विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि, संतरे में विटामिन सी की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है, जबकि किन्नू में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए, अगर आपको मीठा स्वाद पसंद है, तो किन्नू बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
- संतरा खरीदते समय: संतरे का छिलका चमकदार और गहरे नारंगी रंग का होना चाहिए। फल को हल्का दबाएं, अगर यह थोड़ा नरम लगे तो यह पका हुआ और रसीला होगा। छिलका मोटा और खुरदुरा होना चाहिए।
- किन्नू खरीदते समय: किन्नू का छिलका पतला और चिकना होना चाहिए। फल का रंग हल्का नारंगी या पीला हो सकता है। किन्नू को हाथ से छीलकर देखें, अगर छिलका आसानी से निकल जाए तो यह ताजा और मीठा होगा।
यह भी पढ़ें- पोषक तत्वों का भंडार है संतरा, रोजाना नाश्ते में खाने से मिलेंगे ये जबरदस्त फायदे