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    चक्रधरपुर के स्कूलों में सुरक्षा से खिलवाड़, 224 में से सिर्फ 20 विद्यालयों में सुरक्षित हैं तड़ित चालक

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 06:00 PM (IST)

    मानसून में वज्रपात के बढ़ते खतरे के बावजूद चक्रधरपुर प्रखंड के 90% सरकारी स्कूलों में तड़ित चालक खराब या गायब हैं, जिससे छात्रों की सुरक्षा खतरे में ह ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. चक्रधरपुर के 90% स्कूलों में तड़ित चालक खराब या गायब।

    2. मानसून में वज्रपात से छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा।

    3. लाखों के उपकरण चोरी या रखरखाव के अभाव में बेकार।

    जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। मानसून की दस्तक के साथ ही पूरे कोल्हान क्षेत्र में मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली (वज्रपात) का कहर जारी है। 
     
    प्राकृतिक आपदा के इस मौसम में देश का भविष्य कहे जाने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक सच सामने आया है। 
     
    पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड के 90 फीसदी सरकारी विद्यालयों में वज्रपात से सुरक्षा देने वाले तड़ित चालक (Lightning Conductor) गायब या पूरी तरह बेकार हो चुके हैं
     
    चक्रधरपुर प्रखंड के कुल 224 सरकारी स्कूलों में से मात्र 15 से 20 विद्यालयों में ही तड़ित चालक आज सही स्थिति में हैं। पहाड़ी और घने जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में बारिश के दौरान बिजली गिरना बेहद आम बात है, लेकिन इसके बावजूद नौनिहालों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
     

    ₹1.75 लाख की लागत से लगे थे उपकरण

    प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह है कि वर्ष 2008-09 में सरकार की पहल पर प्रति स्कूल करीब 1.75 लाख रुपये की लागत से तड़ित चालक लगवाए गए थे। 
     
    लेकिन स्थापना के कुछ समय बाद ही अज्ञात चोरों ने अधिकांश स्कूलों से तांबे के कीमती अर्थिंग तार और अन्य उपकरण चोरी कर लिए। इसके अलावा, कई स्कूलों में देखरेख और मेंटेनेंस के अभाव में ये सिस्टम पूरी तरह जंग खाकर कबाड़ में तब्दील हो गए।
     
    अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चक्रधरपुर प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) के परिसर में ही स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय अंचल कॉलोनी का तड़ित चालक भी महीनों से खराब पड़ा है। 
     
    जब शिक्षा विभाग के नाक के नीचे स्थित स्कूल का यह हाल है, तो सुदूर ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

    "बरसात का मौसम होने के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए तड़ित चालक का सुचारु रूप से काम करना अत्यंत आवश्यक है। हमारे विद्यालय परिसर में एक तड़ित चालक लगा तो हुआ है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ऐसा लगता है कि वह ठीक से काम नहीं कर रहा है। स्कूल के आसपास के इलाकों में बिजली गिरना आम बात है। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए या तो इसकी तत्काल मरम्मत करनी होगी या फिर नया तड़ित चालक लगवाना होगा। 

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    योगेंद्र मुंडरी, सहायक शिक्षक, पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय, ओटार

    लगातार हो रहे वज्रपात से कई लोगों की जान जा रही है। हमारे स्कूलों में भारी लागत से तड़ित चालक लगाए गए थे, लेकिन चोरों द्वारा तार उड़ा लिए जाने के कारण आज ये सिस्टम मृत पड़े हैं। थाने में चोरी की सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मेरे विद्यालय में 560 विद्यार्थी नामांकित हैं और रोजाना 400 से अधिक बच्चे आते हैं। अगर कोई अनहोनी हो जाए, तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा? विभाग को जल्द से जल्द नए तार लगवाकर इन्हें चालू करना चाहिए।

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    शिवलाल महतो, अध्यक्ष, अजप्ता चक्रधरपुर सह प्रधानाध्यापक मवि, आसनतलिया