स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम: दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में 12 से 15 अगस्त तक पार्सल बुकिंग बंद
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चक्रधरपुर रेल मंडल से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में 12 से 15 अगस्त तक पार्सल बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। ...और पढ़ें

स्वतंत्रता दिवस को लेकर असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों की सक्रियता की संभावना भी बढ़ जाती है।
HighLights
चक्रधरपुर से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में पार्सल बुकिंग बंद।
यात्री सामान की सघन जांच भी की जाएगी रेलवे स्टेशनों पर।
जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मद्देनजर चक्रधरपुर रेल मंडल सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
सुरक्षा कारणों और संभावित खतरों को देखते हुए रेल प्रशासन ने 12 से 15 अगस्त तक चक्रधरपुर रेल मंडल से दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनों में पार्सल बुकिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Senior DCM) आदित्य कुमार चौधरी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को लेकर दिल्ली में वीआईपी मूवमेंट काफी बढ़ जाता है।
ऐसे अवसरों पर असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों की सक्रियता की संभावना भी बढ़ जाती है, जिसके तहत पार्सल के जरिए असामाजिक सामग्रियों के परिवहन का जोखिम रहता है।
इसी के मद्देनजर सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए चार दिनों के लिए पार्सल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। स्वतंत्रता दिवस को लेकर रेल प्रशासन एहतियात बरत रहा है।
इन प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों पर लागू होगा नियम
यह प्रतिबंध दिल्ली, नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, हजरत निजामुद्दीन और दिल्ली सराय रोहिल्ला तक जाने वाली तथा वहां से खुलने वाली ट्रेनों पर लागू रहेगा।
चक्रधरपुर रेल मंडल होकर गुजरने वाली भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, ओडिशा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, हल्दिया-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस और संतरागाछी-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें इससे प्रभावित रहेंगी।
यात्री सामान की होगी सघन जांच
सीनियर डीसीएम ने स्पष्ट किया कि यात्री ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अपने साथ व्यक्तिगत सामान ले जाने की अनुमति होगी।
हालांकि, रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास के दौरान यात्रियों के सामान की सघन चेकिंग की जाएगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे।