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    25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार, कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड दबोचा गया

    By Sudhir PandeyEdited By: Mansi Kumari
    Updated: Fri, 17 Jul 2026 05:21 PM (IST)

    झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना 25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की ...और पढ़ें

    25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार।

    25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार।

    HighLights

    1. 25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार।

    2. कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था।

    जागरण संवाददाता, चाईबासा। झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए लंबे समय से चुनौती बना भाकपा (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। अजय महतो पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    सूत्रों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी गिरिडीह-बोकारो क्षेत्र से हुई है। अजय महतो पर हत्या, पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीणों की हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमले, मुठभेड़, विस्फोटक लूट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2020 से 2026 तक पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में हुए अधिकांश बड़े नक्सली हमलों में उसकी भूमिका सामने आई है। अप्रैल 2020 में गोईलकेरा के कुईड़ा चौक पर ग्रामीण राजकिशोर गोप की हत्या तथा जुलाई 2020 में बरकेल स्थित वन विभाग कार्यालय को आईईडी से उड़ाने की घटना में वह आरोपी रहा।

    वर्ष 2021 में लांजी जंगल में आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हुए थे, जबकि कई अन्य जवान घायल हुए। 2022 में लोवाबेड़ा और रेंगड़ा क्षेत्र में हुए आईईडी हमलों और मुठभेड़ों में भी उसका नाम सामने आया।

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    साल 2023 उसके दस्ते की सबसे हिंसक गतिविधियों का वर्ष माना जाता है। टोंटो के तुम्बाहाका क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान झारखंड जगुआर के सब-इंस्पेक्टर अमित तिवारी और आरक्षी गौतम कुमार शहीद हुए थे। इसी वर्ष विस्फोटक भंडार लूट और कई आईईडी हमलों में भी उसकी संलिप्तता सामने आई।

    वर्ष 2024 और 2025 में भी उसने पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीणों की हत्या, लगातार आईईडी विस्फोट और सुरक्षाबलों पर हमलों की घटनाओं को अंजाम दिया। मार्च और अप्रैल 2025 में हुए विस्फोटों में सीआरपीएफ के एसआई सुनील कुमार मंडल तथा झारखंड जगुआर के जवान सुनील धान शहीद हुए थे। अक्टूबर 2025 में समठा वन क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन का प्रशिक्षित डॉग भी शहीद हो गया था।

    वर्ष 2026 में मारंगपोंगा और किनबीर के जंगलों में हुई मुठभेड़ के बाद आईईडी विस्फोट में कोबरा 209 बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक और हवलदार संजय कुमार घायल हुए थे। इन घटनाओं में भी अजय महतो की भूमिका जांच में सामने आई थी।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, अजय महतो सारंडा क्षेत्र में माओवादी संगठन के लिए आईईडी लगाने, सुरक्षाबलों पर हमलों की रणनीति तैयार करने, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा कैडरों के संचालन की जिम्मेदारी संभालता था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट सहित अनेक गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।

    यदि गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होती है तो इसे झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और आईईडी मॉड्यूल से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।