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    झारखंड एसआईआर: 22 जुलाई को एएसडीडी सूची पर होगा अंतिम फैसला, 5 अगस्त को आएगी प्रारूप सूची

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 05:26 PM (IST)

    झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत 22 जुलाई को बीएलओ और बीएलए-2 की तीसरी बैठक में एएसडीडी सूची पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ...और पढ़ें

    राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की दूसरी बैठक संपन्न।

    राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की दूसरी बैठक संपन्न।

    HighLights

    1. 22 जुलाई को एएसडीडी सूची पर अंतिम निर्णय।

    2. बीएलओ, बीएलए-2 की तीसरी बैठक होगी संपन्न।

    3. 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।

    राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 22 जुलाई को बीएलओ तथा बीएलए-2 की तीसरी एवं अंतिम बैठक होगी, जिसमें एएसडीडी (अब्सेंट, स्थानांतरित, मृत तथा डुप्लीकेट) सूची पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    इससे पहले, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मंगलवार को बीएलओ एवं बीएलए-2 की दूसरी बैठक राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर हुई। साथ ही चुनाव पाठशाला का आयोजन किया गया, जिसमें एएसडीडी सूची को पढ़कर सुनाया गया।


    इधर, राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी बीएलओ से एएसडीडी सूची को मूर्त रूप देने में विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि वर्तमान मतदाता सूची के एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम एसआइआर की प्रारुप मतदाता सूची में न छूटे।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को लोहरदगा में मतदान केंद्रों पर आयोजित बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक एवं चुनाव पाठशाला में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर वे उपस्थित सभी बीएलओ, बीएलए, चुनाव पाठशाला के सदस्यों के साथ मिलकर एसआइआर संबंधी उनकी जानकारियों से अवगत हुए।

    उन्होंने बीएलओ को उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को होनेवाली बैठक की कार्यवाही एवं फोटो भी बीएलओ ऐप के माध्यम से अपलोड किया जाएगा। पांच अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के साथ-साथ एएसडीडी सूची का भी प्रकाशन किया जाएगा।

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    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। गैर भारतीय इस प्रक्रिया में भाग न लें, क्योंकि यह दंडनीय अपराध है। गैर भारतीय को यदि गणना प्रपत्र प्राप्त होता है तो वो इसे बिना भरे एवं हस्ताक्षर किए उचित कारण बताकर बीएलओ को लौटा दें।

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