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    जिस HEC में नौकरी की थी होड़, अब 280 से ज्यादा इंजीनियरों ने छोड़ी कंपनी; सामने आई बड़ी वजह  

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 08:05 PM (IST)

    वेतन संकट, अनिश्चितता और सीमित करियर अवसरों के कारण एचईसी से इंजीनियर लगातार नौकरी छोड़ रहे हैं, 2022 से अब तक 280 से अधिक इंजीनियर इस्तीफा दे चुके है ...और पढ़ें

    एआई जेनरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. 2022 से अब तक 280 से अधिक इंजीनियरों ने छोड़ी नौकरी।

    2. वेतन संकट, अनिश्चितता और करियर ग्रोथ की कमी मुख्य कारण।

    अमित सिंह, जागरण। कभी जिस एचईसी में नौकरी पाने के लिए इंजीनियरों के बीच होड़ रहती थी, आज उसी सरकारी कंपनी में स्थिति उलटती नजर आ रही है। वेतन संकट, कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता और करियर ग्रोथ के सीमित अवसरों के बीच इंजीनियर लगातार एचईसी छोड़ रहे हैं।

    आंकड़ा बताता है कि वर्ष 2022 से अब तक करीब 280 से ज्यादा इंजीनियर कंपनी से नौकरी छोड़ चुके हैं। यह सिलसिला वर्ष 2026 में भी थमा नहीं है। इस साल अब तक 15 इंजीनियर इस्तीफा दे चुके है।

    एचईसी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कंपनी को चलाने के लिए इंजीनियर चाहिए, अगर वही इंजीनियर कंपनी छोड़ते रहे, तो पुनरुद्धार की राह कितनी आसान होगी?

    यह केवल कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का आंकड़ा नहीं, बल्कि एचईसी के लिए बढ़ते ‘ब्रेन ड्रेन’ का संकेत है। कंपनी जिस समय उत्पादन बढ़ाने और नए कार्यादेश हासिल कर अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रही है, उसी समय अनुभवी तकनीकी मानव संसाधन का लगातार कम होना उसके लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

    इसके साथ ही अधिकारियों को कंपनी के भविष्य को लेकर भी चिंता है। उत्पादन क्षमता के मुकाबले काम का स्तर काफी कम है। कंपनी करीब 20 प्रतिशत क्षमता पर ही काम कर पा रही है। ऐसे में इंजीनियरों को अपने करियर की दिशा को लेकर असमंजस बना रहता है।

    इन अफसरों का गत माह इस्तीफा हुआ स्वीकर

    एचईसी में गत माह इस्तीफा देने वाले जिन अधिकारियों का इस्तीफा स्वीकार हो चुका है। उनमें लारेंस भेंगरा (सीनियर डीजीएम, कार्मिक विभाग), राज कुमार शंखवार(डीजीएम, विजिलेंस व रेवेन्यू विभाग), स्टालीन लुगून(असिस्टेंट मैनेजर, मेंटेनेंस विभाग), सहवाल गोस्वामी( सीनियर डीजीएम, प्लानिंग विभाग) और दिलीप महावार( मैनेजर, फाइनांस विभाग) आदि शामिल हैं। इसमें से कई अफसरों ने वर्तमान प्रबंधन से परेशान होकर अपना इस्तीफा दिया है।

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    अलग-अलग महत्वपूर्ण विभागों में काम कर चुके इन अधिकारियों का जाना बताता है कि समस्या केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। प्रबंधन से लेकर तकनीकी और वित्तीय विभाग तक के अधिकारी बेहतर विकल्प की तलाश में कंपनी से बाहर निकल रहे हैं।

    सरकारी नौकरी छोड़ने की क्या है सबसे बड़ी वजह :

    एचईसी के कर्मचारियों के अनुसार सबसे बड़ी परेशानी वेतन संकट है। लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने या भुगतान में अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों के लिए घर चलाना और बच्चों की पढ़ाई, लोन व दूसरी वित्तीय जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो रहा है।

    भेल से आए अफसरों का सहयोग नहीं मिल रहा है। बाहर से आए अफसर यहां के अफसरों को योजनावद्ध तरीके से परेशान कर रहे है। तंग आकर अफसर इस्तीफा दे रहे हैं।

    निजी कंपनियों और दूसरी सरकारी संस्थाओं में बेहतर वेतन, नियमित भुगतान और करियर के अवसर मिलने पर अनुभवी इंजीनियरों के सामने विकल्प खुल जाते हैं। ऐसे में एचईसी में बने रहने की बजाय कई अधिकारी दूसरी जगह जाने का फैसला कर रहे हैं।

    280 इंजीनियरों का जाना क्यों है बड़ा खतरा :

    किसी इंजीनियर के इस्तीफे का असर केवल एक पद खाली होने तक सीमित नहीं रहता। एचईसी जैसे भारी इंजीनियरिंग संस्थान में वर्षों का अनुभव रखने वाले इंजीनियरों को तैयार करने में लंबा समय लगता है। उन्हें मशीनों, उत्पादन प्रणाली, डिजाइन, प्रोजेक्ट और प्लांट की बारीकियों का अनुभव होता है।

    2022 से अब तक 280 से अधिक इंजीनियरों का जाना इसलिए गंभीर है, क्योंकि कंपनी पहले से ही उत्पादन संकट से जूझ रही है। अनुभवी इंजीनियरों की कमी के कारण आने वाले समय में नए आर्डर मिलने पर उन्हें समय पर पूरा करना भी चुनौती बन सकता है।

    कंपनी के लिए दोहरा संकट

    एक तरफ एचईसी की उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है, दूसरी तरफ उसके अनुभवी इंजीनियर कंपनी छोड़ रहे हैं। यानी कंपनी के सामने ‘काम बढ़ाओ’ और ‘लोग बचाओ’ दोनों चुनौती एक साथ खड़ी हैं।

    कर्मचारियों का कहना है कि यदि कंपनी को फिर से मजबूत औद्योगिक संस्थान बनाना है, तो केवल नए आर्डर पर्याप्त नहीं होंगे। नियमित वेतन, आर्थिक स्थिरता, बेहतर कार्य माहौल और इंजीनियरों के भविष्य को लेकर भरोसा पैदा करना भी जरूरी होगा।

    आंकड़ों में एचईसी

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