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    रांची विश्वविद्यालय पीजी नामांकन: चार महीने बाद भी आधी सीटें खाली, सत्र देरी बनी वजह

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 09:14 AM (IST)

    रांची विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2025-27 के लिए चार महीने चली नामांकन प्रक्रिया के बावजूद लगभग आधी सीटें खाली रह गईं। सत्र में देरी को कम नामांकन का ...और पढ़ें

    कई पीजी विभाग की सीटें खाली रह गयी।

    कई पीजी विभाग की सीटें खाली रह गयी।

    HighLights

    1. रांची विवि में 2000 पीजी सीटों में से केवल 1003 पर नामांकन।

    2. चार महीने चली नामांकन प्रक्रिया, कई विभागों में बहुत कम छात्र।

    3. सत्र में देरी के कारण छात्रों ने अन्य विश्वविद्यालयों को चुना।

    जागरण संवाददाता, रांची। रांची विश्वविद्यालय में पीजी के इस सत्र 2025-27 के 30 विभागों में सबसे अधिक समय तक चार महीने नामांकन प्रक्रिया चली, इसके बाद भी कई पीजी विभाग की सीटें खाली रह गयी। रांची विवि में ऐसा पहली बार हुआ है कि कई ऐसे पीजी विभागों में कम आवेदन आए जहां कभी नामांकन के लिए पैरवी आती थी।

    इसके अलावा जो सामान्य विभाग थे वहां अभी भी विद्यार्थियों का इंतजार है। वहीं विवि की ओर से अप्रैल में नामांकन प्रक्रिया शुरू की गयी थी। जिसे आठ अगस्त को बंद कर दिया गया। इसके बाद भी सीटें नहीं भर सकी।

    पीजी के कई विषय जिनमें 20 भी नहीं पहुंचे विद्यार्थी

    रांची विवि पीजी के कई ऐसे विभाग हैं जहां नामांकन के लिए 20 भी विद्यार्थी नहीं पहुंचे हैं। इसमें बांग्ला में सबसे कम 9 नामांकन, हो में 16, खड़िया में 6, कुडुख में 17, संस्कृत में 11, उर्दू में 14, फिलासफी में 5, सोशियोलाजी में 15, जियोलाजी में केवल 12 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। इन विषयों में 50 से अधिक सीटें हैं जिसपर नामांकन लिया जा रहा था।

    सीटों की तुलना में आधे भी विद्यार्थियों ने नामांकन नहीं लिया। वर्तमान में रांची विवि में इस सत्र में 30 पीजी विभागों में कुल 1003 नामांकन हुए हैं। जबकि कुल सीटें लगभग 2000 हैं।

    कॉमर्स में आते थे 2000 आवेदन, इस बार मात्र 121

    वहीं पीजी कॉमर्स में सबसे अधिक आवेदन आने का रिकार्ड है। एक समय था जब इस विभाग में 150 सीटों के लिए लगभग 2000 आवेदन नामांकन के लिए आते थे। लेकिन सत्र 2025-27 में नामांकन के लिए लगभग 120 सीटें थी, लेकिन नामांकन के लिए आवेदन ही 121 आया है। वहीं इसमें नामांकन केवल 63 विद्यार्थियों ने लिया है।

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    वहीं मैथ्स विभाग में आवेदन तो 116 आए, लेकिन नामांकन केवल 64 विद्यार्थियों ने लिया है। जबकि इसमें लगभग 80 सीटें हैं। डीएसडब्ल्यू डा. सुदेश कुमार साहू ने बताया कि सत्र लेट होने की वजह से इस बार कम आवेदन आए हैं।

    सत्र लेट होने के कारण नहीं आए विद्यार्थी

    रांची विश्वविद्यालय में पीजी के इस सत्र 2025-27 में कम नामांकन होने की सबसे बड़ी वजह है सत्र में देरी। 2025 में जहां पीजी में नामांकन होना था वो 2026 में हो रहा है। इसके अनुसार एक साल सत्र पीछे चल रहा है। इसकी वजह से पीजी में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों ने दूसरे विवि का रूख कर लिया और वहां नामांकन लेकर पढ़ाई करने लगे।