रांची की सड़कों पर 'पुष्पा' का स्वैग, स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में गूंजा- 'झुकेंगे नहीं, जब तक न्याय मिलेगा नहीं'
रांची में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों के विधानसभा कूच के दौरान पुलिस से झड़प हुई। इस प्रदर्शन में 'पुष्पा' स्टाइल में एक शख्स शामिल हु ...और पढ़ें

रांची की सड़कों पर 'पुष्पा' का स्वैग
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड की राजधानी में चल रहे छात्र आंदोलन पर अब पूरे देश की नजर है। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा कूच की अपील की थी और इस दौरान कई जगह आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली।
पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोली तक चलाने पड़े। वहीं, इस आंदोलन में सोमवार को फिल्म कैरेक्टर 'पुष्पा' बनकर एक शख्स शामिल हुआ।
फिल्म कैरेक्टर 'पुष्पा' बनकर 'विधानसभा घेराव' मार्च में शामिल हुए एक शख्स ने कहा कि मैं 'पुष्पा स्टाइल' में प्रोटेस्ट करने आया हूं। लोगों ने मुझे बताया कि बड़े एक्टर और इन्फ्लुएंसर उस प्रोटेस्ट को सपोर्ट करने जंतर-मंतर पहुंचे थे। ये लोग भी स्टूडेंट्स हैं, हमें भेदभाव नहीं करना चाहिए।
#WATCH रांची (झारखंड) में JPSC-JSSC कैंडिडेट्स का प्रोटेस्ट | फिल्म कैरेक्टर 'पुष्पा' बनकर 'विधानसभा घेराव' मार्च में शामिल हुए एक आदमी ने कहा, "मैं 'पुष्पा स्टाइल' में प्रोटेस्ट करने आया हूं। लोगों ने मुझे बताया कि बड़े एक्टर और इन्फ्लुएंसर उस प्रोटेस्ट को सपोर्ट करने जंतर-मंतर… pic.twitter.com/mtyG0aXXJn
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
उसने आगे कहा कि यह मामला नेशनल मीडिया तक पहुंचना चाहिए और इन स्टूडेंट्स को इंसाफ मिलना चाहिए। सरकार को भी इन स्टूडेंट्स की मांगें मान लेनी चाहिए। झारखंड के स्टूडेंट्स झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं, जब तक न्याय मिलेगा नहीं।
गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली का विरोध कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच सोमवार को तीखी झड़प हुई। जब इन युवाओं ने बैरिकेड्स तोड़कर झारखंड विधानसभा भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और वॉटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल किया।
इस भारी हंगामे के चलते दोपहर में विधानसभा की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा। यह टकराव मुख्य रूप से विधानसभा मार्ग पर स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम बैरिकेड के करीब हुआ। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों ने खुद के घायल होने का दावा किया है।
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इस घटना को लेकर प्रदर्शन में शामिल पीयूष कुमार सोनी नामक एक युवक ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि पुलिस का यह लाठीचार्ज बेहद क्रूर था।
उन्होंने कहा, "हम लोग बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जता रहे थे, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने हम पर लाठियां चलवाईं। वे हमें केवल शारीरिक रूप से चोट पहुंचा सकते हैं, लेकिन हमारे विचारों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।"