विधानसभा घेराव में चला ‘प्रणाम सर’ और पैर छूने का दौर, 8 बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े छात्र; खेलगांव बना कैंप जेल
रांची में विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों ने पुलिसकर्मियों को 'प्रणाम सर' कहकर और पैर छूकर आगे बढ़ने की गुहार लगाई, लेकिन आठ बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ ...और पढ़ें

रांची विधानसभा घेराव में छात्रों ने तोड़े 8 बैरिकेड।
HighLights
पुलिसकर्मियों को 'प्रणाम सर' कहकर आगे बढ़ने की गुहार लगाई।
विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों ने आठ बैरिकेडिंग तोड़ी।
तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, खेलगांव को कैंप जेल बनाया गया।
जागरण संवाददाता, रांची। विधानसभा घेराव के दौरान सोमवार को राजधानी में छात्र आंदोलन का अलग ही नजारा देखने को मिला। विधानसभा की ओर बढ़ रहे कई छात्रों ने रास्ते में तैनात पुलिसकर्मियों को प्रणाम सर कहकर आगे जाने देने की गुहार लगाई।
कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों के पैर तक छुए। छात्र हर हाल में विधानसभा तक पहुंचकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे। शुरुआती दौर में पुलिस ने भी छात्रों के प्रति अपेक्षाकृत नरमी दिखाई। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी बैरिकेडिंग के पास खड़े रहे और छात्रों को आगे जाने दिया।
इस दौरान कुछ छात्र पुलिस के समर्थन में जिंदाबाद के नारे भी लगाते नजर आए। विधानसभा घेराव को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तर पर बैरिकेडिंग की थी। आठ बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोकने की तैयारी की गई थी, लेकिन छात्र एक-एक कर सभी बैरिकेड पार करते चले गए। कई जगह बैरिकेडिंग को कपड़े से बांधा गया था।
छात्रों ने कपड़ा खोलकर रास्ता बनाया और आगे बढ़ गए। जहां कंटीले तार लगाकर रास्ता रोकने की कोशिश की गई, वहां भी छात्रों ने रास्ता निकाल लिया। छात्रों ने कंटीले तार के बंडल को बांस में फंसाकर सड़क से हटाया और उसे दूर ले जाकर फेंक दिया।
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हाईकोर्ट के पास छात्र आगे बढ़े तो एसडीएम और एएसपी पीछे पीछे दौड़े
हाईकोर्ट के पास भी पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, लेकिन छात्र वहां से भी आगे निकल गए। छात्रों को आगे बढ़ता देख एसडीएम और कोतवाली एएसपी उनके पीछे दौड़ते नजर आए।
पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करना चुनौती बन गया था। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी खुद कहते नजर आए कि अब क्या कर सकते हैं और छात्रों को आगे जाने दिया।
हाथ में गुलाब लेकर धरना स्थल पर पहुंचा था एक छात्र
घेराव के दौरान एक छात्र हाथ में गुलाब का फूल लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहा था। उसका कहना था कि वह मुख्यमंत्री को गुलाब का फूल देकर अपनी बात रखना चाहता है, ताकि मुख्यमंत्री उनकी मांगों को सुनें। आंदोलन के दौरान छात्रों में विधानसभा तक पहुंचने को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।
तीन पुलिसकर्मी हुए जख्मी एक का सिर फटा
पुलिस बार बार छात्रों शांति बनाए रखने की अपील कर रही थी। इसी बीच कुछ जगहों पर पुलिसकर्मी और छात्रों के बीच झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सख्ती बढ़ाई। घेराव के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगने से वह जख्मी हो गया। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को रोकने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई तेज की।
खेलगांव बना कैंप जेल आम लोगों के लिए रहा बंद
घेराव के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए छात्रों को खेलगांव स्थित परिसर में रखा गया, जिसे पुलिस ने कैंप जेल के रूप में इस्तेमाल किया। भाजपा के सभी विधायक भी इसी परिसर में मौजूद रहे।
खेलगांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम लोगों के लिए खेलगांव का प्रवेश बंद कर दिया गया। मुख्य द्वार बंद कर वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी।