रांची में दो टिकट दलाल गिरफ्तार, काउंटर तत्काल और ऑनलाइन टिकट की कालाबाजारी का भंडाफोड़
रांची आरपीएफ ने 'ऑपरेशन उपलब्ध' के तहत दो टिकट दलालों को गिरफ्तार किया है। एक व्यक्ति तत्काल काउंटर टिकटों की कालाबाजारी करते पकड़ा गया, जबकि दूसरा ऑन ...और पढ़ें

रांची में दो टिकट दलाल गिरफ्तार
HighLights
आरपीएफ ने 'ऑपरेशन उपलब्ध' के तहत दो दलाल पकड़े।
एक तत्काल काउंटर टिकट, दूसरा ऑनलाइन ई-टिकट बेचता था।
दोनों पर रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज, रांची में कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, रांची। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची ने ऑपरेशन उपलब्ध के तहत टिकट दलालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो अलग-अलग स्थानों से दो टिकट दलालों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई में तत्काल काउंटर टिकट की कालाबाजारी करते एक व्यक्ति को पकड़ा गया।
दूसरी कार्रवाई में ऑनलाइन ई-टिकट का अवैध धंधा कर रहे युवक को दबोचा गया। दोनों मामलों में रेलवे अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पीआरएस काउंटर के पास पकड़ा गया तत्काल टिकट दलाल
सूचना के आधार पर एसआई सोहन लाल के नेतृत्व में आरपीएफ पोस्ट रांची एवं सीआइबी रांची की संयुक्त टीम ने पीआरएस बुकिंग काउंटर, रांची में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान रेलवे कार पार्किंग गेट के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मनोज कुमार महतो (36 वर्ष), निवासी संखाकुरी, थाना चंदनकियारी, जिला बोकारो बताया।
तत्काल टिकट पर अतिरिक्त राशि वसूलने की बात स्वीकार
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से ट्रेन संख्या 20839 (रांची–नई दिल्ली) की दो यात्रियों की तत्काल काउंटर टिकट बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने के बदले अतिरिक्त राशि लेकर अवैध लाभ अर्जित करता था। मौके से एक तत्काल टिकट एवं मोबाइल फोन जब्त किया गया।
ऑनलाइन ई-टिकट का अवैध कारोबार उजागर
इसी दिन दूसरी बड़ी कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट रांची एवं सीआईबी रांची की संयुक्त टीम ने थाना लोअर बाजार की सहायता से पुरुलिया रोड, पत्थलकुदवा स्थित “नेट वर्ल्ड” नामक दुकान पर छापेमारी की।

दुकान में काम कर रहे व्यक्ति से पूछताछ की गई, जिसने अपना नाम विनोद टुडू (28 वर्ष), निवासी इछापिरी, थाना पतरातू, जिला रामगढ़ तथा वर्तमान पता डांगराटोली, रांची बताया।
आईआरसीटीसी एजेंट आईडी नहीं, निजी यूजर आईडी से करता था टिकट बुकिंग
जांच के दौरान आरोपी कोई वैध आईआरसीटीसी एजेंट आईडी प्रस्तुत नहीं कर सका। उसने स्वीकार किया कि वह अपने व्यक्तिगत यूजर आईडी से रेलवे ई-टिकट जनरेट कर यात्रियों को निर्धारित किराये से अधिक राशि लेकर बेचता था।
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उसके कंप्यूटर सिस्टम से 11 पुराने व उपयोग किए गए रेलवे ई-टिकट बरामद किए गए, जिनका कुल मूल्य 29,553 रुपये है। साथ ही एक माेबाइल फोन, मानिटर और सीपीयू जब्त किया गया।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरपीएफ पोस्ट रांची में रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी एसआई सोहन लाल को सौंपी गई है। दोनों आरोपियों को को रेलवे न्यायालय, रांची के समक्ष पेश किया गया।
इन सफल कार्रवाइयों में निरीक्षक शिशुपाल कुमार, एसआई सोहन लाल, एएसआई शक्ति सिंह, डीके सिंह, एसपी राय, एम अंसारी, जेके नयन तथा सीआईबी रांची के निरीक्षक लाल बहादुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।