रेलवे में नशे में ड्यूटी करने वालों की खैर नहीं, 15 दिन चलेगा विशेष अभियान; बोर्ड ने दिए सख्त जांच के निर्देश
रेलवे बोर्ड ने ड्यूटी पर शराब पीने वाले कर्मचारियों की पहचान के लिए 23 अक्टूबर से 15 दिवसीय विशेष अभियान ...और पढ़ें

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HighLights
23 अक्टूबर से 15 दिवसीय विशेष सुरक्षा अभियान चलेगा।
शराब पीने के आदी कर्मचारियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
जागरण संवाददाता, रांची। रेलवे में ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। रेलवे बोर्ड ने ऐसे कर्मचारियों की पहचान करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार से 15 दिनों का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके तहत लेवल क्रासिंग पर तैनात गेटमैन के साथ मंडल और मुख्यालय स्तर पर इंजीनियरिंग, आपरेटिंग तथा सेफ्टी विभाग के कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी।
रात में औचक जांच पर विशेष जोर
रेलवे बोर्ड के जारी पत्र के अनुसार, अभियान के दौरान औचक जांच की जाएगी। इसके लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय प्राथमिकता में रखा गया है। जांच में लाबी में उपलब्ध पोर्टेबल ब्रीथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने वाले कर्मचारियों की पहचान करना है।
शराब पीने के आदी कर्मचारियों पर नजर
अभियान के दौरान इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों को अलग-अलग स्रोतों से फीडबैक लेकर ऐसे गेटमैन की सूची तैयार करने को कहा गया है, जिन्हें शराब पीने की आदत है। इन कर्मचारियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने सभी कर्मचारियों को यह भी समझाने का निर्देश दिया है कि यदि कोई कर्मचारी शराब के नशे में पाया जाता है, तो इसकी सूचना देना उनका कर्तव्य है।
नियम के अनुसार होगी कार्रवाई
रेलवे बोर्ड ने पीसीएसओ को अभियान से मिले फीडबैक का गंभीरता से विश्लेषण करने और नियमों के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। यह अभियान रेलवे परिचालन से जुड़े कर्मचारियों की सतर्कता बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा।
