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रांची में इन सरकारी दफ्तरों के पास धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी, बिना अनुमति जुलूस-रैली निकालने पर होगी कार्रवाई

By Amit SinghEdited By: Mansi Kumari
Published: Sat, 24 Oct 2026 02:00 PM (IST)

रांची जिला प्रशासन ने सरकारी दफ्तरों और संवेदनशील परिसरों के पास बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाई है। कानून-व्यवस्था और ...और पढ़ें

रांची के सरकारी दफ्तरों के पास धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लागू। जागरण

रांची के सरकारी दफ्तरों के पास धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लागू। जागरण

HighLights

  1. सरकारी दफ्तरों के पास धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लागू।

  2. उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी के प्रमुख सरकारी दफ्तरों और संवेदनशील परिसरों के आसपास धरना-प्रदर्शन या रैली निकालने से पहले अब अनुमति सुनिश्चित करनी होगी। जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर इन स्थानों की निर्धारित परिधि को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करते हुए निषेधाज्ञा लागू की है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, लोकभवन, मुख्यमंत्री आवास, प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस, झारखंड मंत्रालय और एफएफपी/एचईसी भवन के आसपास निर्धारित क्षेत्र में पाबंदियां लागू रहेंगी। झारखंड विधानसभा, झारखंड हाई कोर्ट और पुलिस मुख्यालय के आसपास के निर्धारित इलाके भी इसके दायरे में शामिल हैं। इन परिसरों की सुरक्षा तथा आसपास शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

धरना ही नहीं, जुलूस और आमसभा के लिए भी अनुमति जरूरी

प्रतिबंधित क्षेत्रों में सक्षम प्राधिकार की पूर्व अनुमति के बिना धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली या आमसभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। ऐसे में अपनी मांगों को लेकर इन स्थानों के आसपास जुटने की तैयारी कर रहे संगठनों को पहले अनुमति लेनी होगी। आदेश में घातक हथियार लेकर चलने तथा लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है।

सूचना पट्ट से दी जा रही पाबंदियों की जानकारी

नागरिकों और संगठनों को प्रतिबंधों से अवगत कराने के लिए संबंधित स्थानों पर चेतावनी वाले सूचना पट्ट लगाए गए हैं। इनमें निषेधाज्ञा के पालन और उल्लंघन पर कार्रवाई की जानकारी दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। नागरिकों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की गई है। 

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