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    रांची LPG संकट: 340 का सिलिंडर गायब, 300 रुपये प्रति किलो वसूली; छात्रों पर भाेजन का संकट

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 07:55 PM (IST)

    राजधानी में छोटे गैस सिलिंडरों की गंभीर किल्लत है, जिससे छात्र-छात्राएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। 340 रुपये का सिलिंडर बाजार से गायब है, और मजबूरी में उ ...और पढ़ें

    HighLights

    1. छात्र-छात्राएं भोजन संकट से जूझ रहे, अवैध रिफिलिंग मजबूरी।

    2. प्रशासन की ढिलाई से सुरक्षा खतरे में, 70 हजार बुकिंग लंबित।

    जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी में रसोई गैस की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। पांच किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर, जिसकी निर्धारित कीमत लगभग 340 रुपये है, बाजार से लगभग गायब हो चुका है।

    इस संकट का सबसे अधिक असर हास्टलों और लाजों में रहने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ा है, जिनके सामने भोजन बनाने तक का संकट खड़ा हो गया है। मजबूरी में वे अवैध गैस रिफिलिंग का सहारा लेने को विवश हैं, जहां उनसे प्रति किलो 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।

    कई जगहों पर मेस बंद होने से इनकी समस्या और बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए दो स्तर पर कार्रवाई जरूरी है। एक ओर छोटे सिलिंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, वहीं दूसरी ओर अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।

    छात्रों के सामने भोजन का संकट

    छोटे सिलिंडर की उपलब्धता खत्म होने से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। कई नर्सिंग की छात्राएं बताती हैं कि नियमित खाना बनाना मुश्किल हो गया है और बाहर के महंगे भोजन पर निर्भरता बढ़ गई है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है।

    कालाबाजारी का खुला खेल

    शहर के कई मोहल्लों में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम धड़ल्ले से जारी है। छोटे सिलिंडर में गैस भरने के नाम पर मनमानी दर वसूली जा रही है।

    निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक राशि वसूल कर जमाखोर इस संकट को अवसर में बदल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब जिला प्रशासन की नजरों के सामने सालों से हो रहा है, फिर भी ठोस कार्रवाई करते हुए इसे पूरी तरह बंद नहीं कराया जा सका है।

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    जमीनी हकीकत : बातचीत में खुली पोल, गैस रिफिल करने वाले से बातचीत

    रिपोर्टर : छोटा गैस रिफिल करवाना है
    दुकानदार : अभी गैस नहीं है, कुछ दिन बाद आइयेगा
    रिपोर्टर : भाई, कुछ मदद कर दो, लाज में रहते हैं खाना कैसे बनेगा
    दुकानदार : बहुत चेकिंग चल रही है, फिर भी देखते हैं। लेकिन अधिक लगेगा
    रिपोर्टर : कितना लग जाएगा, पांच किलो का सिलिंडर है
    दुकानदार : अभी 300 रुपये किलो लगेगा, बहुत परेशानी है अभी
    रिपोर्टर : बहुत अधिक बता रहे हैं, कुछ तो कम किजिए, सब लूट लिजिएगा का...
    दुकानदार : कम करने की कोई जगह ही नहीं है, हम भी इसी तरह ला रहे हैं, बहुते सेटिंग करना होता है भाई, समझिए।

    सुरक्षा पर भी खतरा

    अवैध तरीके से गैस रिफिलिंग न केवल महंगी है, बल्कि बेहद खतरनाक भी है। बिना सुरक्षा मानकों के गैस भरने से आग लगने और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।

    इसके बावजूद मजबूरी में लोग इस जोखिम को उठाने को तैयार हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के लगभग हर क्षेत्र में अवैध रिफिलिंग का काम खुलेआम चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से सख्ती नहीं दिख रही है।

    समय-समय पर जांच की बात जरूर कही जाती है, लेकिन इसका जमीनी असर नजर नहीं आता।

    रांची जिला में इंडियन आयल के लगभग 70 हजार बुकिंग पेंडिंग

    1. आदिति इंडियन कोकर - 4000 
    2. शानतानू इंडियान - 2000 
    3. ओरमांझी इंडियन - 1500 
    4. अल्फा इंडियन - 4000 
    5. इंद्रप्रस्थ गैस चुटिया - 4100 
    6. एफएफसीसीएस - 2000 
    7. बरियातू इंडियन - 1400 
    8. रांची गैस - 2800

    शहर में इंडियन गैस के लगभग 1 लाख 50 हजार उपभोक्ता है। कंपनी की ओर से सामान्य दिनों में 10500 गैस सिलिंडर की डिलीवरी होती है। रांची जिला में कुल 22 इंडियल आयल के एजेंसी है। शेष एजेंसी को मिलाकर कुल 70 हजार गैस सिलिंडर की बुकिंग लंबित है।

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