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    JPSC-JSSC प्रोटेस्ट: 'सरकार हमारे साथ गेम खेल रही', रांची में छात्र नेता रवींद्र पासवान ने लगाया बड़ा आरोप

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 11:16 PM (IST)

    रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने सरकार पर छात्रों को बांटने का आरोप लगाया ...और पढ़ें

    छात्र नेता रवींद्र पासवान। (वीडियो ग्रैब)

    छात्र नेता रवींद्र पासवान। (वीडियो ग्रैब)

    HighLights

    1. छात्र नेता ने सरकार पर आंदोलन बांटने का आरोप लगाया।

    2. JPSC-JSSC परीक्षाओं में सुधार और CBI जांच की मांग।

    3. 10 तारीख को विशाल विधानसभा मार्च की चेतावनी दी।

    डिजिटल डेस्क, रांची। JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली, सुधार और सीबीआई जांच की मांगों को लेकर रांची में पिछले 15 दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों के आंदोलन ने अब नया मोड़ ले लिया है।

    छात्र नेता रवींद्र पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि सरकार छात्रों के इस एकजुट आंदोलन को बांटने और कमजोर करने का खेल खेल रही है।

    पहली दौर की वार्ता में रखे गए तर्क

    प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि पिछले 15 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इस दौरान सरकार की ओर से वार्ता के लिए बुलावा आया था। कल (बीते दिन) सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ पहले दौर की बातचीत हुई।

    रवींद्र पासवान ने कहा कि हमने वार्ता में पूरी मजबूती, स्पष्टता और तर्कों के साथ अपनी मांगें रखीं। हमने साफ किया कि हम किन-किन परीक्षाओं को रद करने की मांग कर रहे हैं और उसके पीछे क्या कारण हैं। साथ ही परीक्षाओं में सुधार और सीबीआई (CBI) जांच की मांग क्यों उठाई जा रही है, यह भी तार्किक रूप से समझाया।

    सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने हमारी मांगों को ध्यान से सुना और आश्वस्त किया था कि इन मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और दूसरे दौर की वार्ता के लिए हमें आमंत्रित किया जाएगा।

    'सरकार खेल खेल रही है'

    रवींद्र पासवान ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की ओर से जो रवैया सामने आया है, उससे छात्र बेहद दुखी और आक्रोशित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक खेल खेल रही है।

    आज सरकार ने 6 से 7 अन्य संगठनों से ज्ञापन स्वीकार किए। आखिर सरकार की नीयत क्या है? एनएसयूआई (NSUI) जैसे संगठनों से ज्ञापन क्यों लिया जा रहा है, जो कि खुद कांग्रेस का छात्र संगठन है? वे क्या मांग करेंगे?

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    अगर वे छात्रों के साथ हैं तो सरकार के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन क्यों नहीं कर रहे हैं? सरकार चाहती है कि छात्रों का यह आंदोलन 2-3 धड़ों में बंट जाए और कमजोर हो जाए।

    10 तारीख को 50 हजार से 1 लाख छात्र करेंगे 'विधानसभा मार्च'

    छात्र नेता ने स्पष्ट किया कि झारखंड के तमाम छात्र एकजुट हैं और किसी भी बहकावे में नहीं आने वाले। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि झारखंड के सभी छात्र एक मंच पर एकजुट खड़े हैं।

    सरकार जल्द से जल्द हमारी जायज मांगों को स्वीकार करे। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो 10 तारीख को हमारे द्वारा घोषित 'विधानसभा मार्च' में पूरे झारखंड से 50 हजार से 1 लाख तक छात्र जुटेंगे और यह विरोध प्रदर्शन निर्णायक साबित होगा। उस दिन सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी और हमारी मांगों पर आधिकारिक मुहर लगानी होगी।

    गुमराह न हों छात्र

    स्टूडेंट लीडर शीतल तिर्की ने कहा कि मैं यहां के सभी सच्चे छात्रों तक यह संदेश पहुंचाना चाहती हूं कि हम लंबे समय से विरोध-प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे हैं, इसलिए मेरी सभी से अपील है कि वे गुमराह न हों।

    हमें एकजुट होकर अपनी मांगों पर अडिग रहना होगा। अगर हम अभी भटक गए, तो आने वाली पीढ़ियां हमेशा के लिए भटक जाएंगी। हमें साथ मिलकर खड़ा होना होगा, मैं अपने सभी भाई-बहनों से एकजुट होने का आह्वान करती हूं।

    उन्होंने आगे कहा कि 10 तारीख को हम बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर विधानसभा तक मार्च करेंगे ताकि सरकार को दिखा सकें कि न तो हम टूटे हैं और न ही कमजोर, क्योंकि हमारी मांगें जायज हैं।

    हमने सबूतों के साथ सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं, और मैं उनसे अपील करती हूं कि वे समझें कि हम कोई अनुचित मांग नहीं कर रहे हैं। हमें इस मकसद के लिए एकजुट होना होगा, और मैं सभी से अपील करती हूं कि वे आएं और 10 तारीख को विधानसभा की ओर होने वाले मार्च में शामिल हों।

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