छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए CM हेमंत सोरेन का बदला रूट, मोरहाबादी से शहीद चौक तक ऐसे पहुंचा काफिला
स्वतंत्रता दिवस पर रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफिला छात्रों के प्रदर्शन के कारण डायवर्ट किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यमंत्री मोरहाबादी से कचहरी चौक होते हुए शहीद चौक पहुंचे और इसी मार्ग से वापस लौटे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्वतंत्रता दिवस पर रूट डायवर्ट। जागरण
HighLights
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्वतंत्रता दिवस पर रूट डायवर्ट।
जयपाल सिंह स्टेडियम के पास छात्र प्रदर्शन के कारण बदलाव।
जागरण, संवाददाता, रांची। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में झंडा फहराने के बाद शहीद चौक स्थित शहीद स्थल पर ध्वजारोहण के लिए रवाना हुए। जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री के काफिले के रूट में बदलाव किया।
सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यमंत्री का काफिला मोरहाबादी मैदान से कचहरी चौक, न्यूक्लियस मॉल होते हुए शहीद चौक पहुंचा। शहीद स्थल पर झंडारोहण के बाद मुख्यमंत्री इसी वैकल्पिक मार्ग से वापस लौटे। छात्रों के प्रदर्शन के कारण पुलिस ने एहतियात के तौर पर मुख्य मार्ग में बदलाव किया था, ताकि मुख्यमंत्री के आवागमन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनी रहे।
मोरहाबादी मैदान में क्या बोले सीएम
झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने रांची के मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए JPSC प्रकरण पर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि लाखों युवा आज अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके माता-पिता अपनी क्षमता से बढ़कर उन्हें पढ़ा रहे हैं। इसलिए यह हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है कि उनकी मेहनत का सम्मान हो और उनकी प्रतिभा को न्याय मिले।
उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि पिछले कुछ समय में भर्ती परीक्षाओं को लेकर अनेक प्रश्न उठे हैं। जब परीक्षा व्यवस्था पर संदेह पैदा होता है, तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती बल्कि पूरी एक पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है।
आज इस ऐतिहासिक मंच से झारखण्ड के प्रत्येक विद्यार्थी को विश्वास दिलाना चाहता हूं- आपकी मेहनत को किसी माफिया, किसी भ्रष्ट तंत्र और किसी अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों और कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। यह पूरे देश के सामने एक गंभीर चुनौती है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों में क्या हुआ, उससे झारखण्ड की जिम्मेदारी कम नहीं हो जाती।

