रात के अंधेरे में छोड़ गए नवजात, सुबह नन्हे फरिश्तों ने बचाई जान; रांची रेलवे कॉलोनी में कंबल में लिपटी मिली बच्ची
रांची की रेलवे कॉलोनी में गुरुवार सुबह एक नवजात बच्ची कंबल में लिपटी लावारिस अवस्था में मिली। चाइल्डलाइन की सूचना ...और पढ़ें

सीसीटीवी खंगाला गया, लेकिन घटनास्थल पर कैमरा नहीं होने से नहीं मिला सुराग।
HighLights
रांची रेलवे कॉलोनी में नवजात बच्ची लावारिस मिली।
आरपीएफ की नन्हे फरिश्ते टीम ने बच्ची को बचाया।
बाल कल्याण समिति के सहयोग से अस्पताल में भर्ती कराया।
जागरण संवाददाता, रांची। रेलवे कॉलोनी में गुरुवार की सुबह कंबल में लिपटी एक नवजात बच्ची लावारिस अवस्था में मिली। अंदेशा जताया जा रहा है कि किसी अंजान व्यक्ति ने बच्ची को देर रात वहां छोड़ दिया था। इसके बाद बच्ची कुछ घंटे तक लावारिस पड़ी रही।
सुबह चाइल्डलाइन से सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की नन्हे फरिश्ते टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने साथ ले गई। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत 10 सितंबर 2026 को करीब 6:10 बजे चाइल्डलाइन के पर्यवेक्षक ने मोबाइल फोन के माध्यम से आरपीएफ को सूचना दी कि अधिकारी रेलवे कालोनी, रांची में एक नवजात बच्ची लावारिस अवस्था में पड़ी है।
सूचना मिलते ही उप निरीक्षक हेमंत कुमार के साथ एलसीटी रीना यादव, एलसीटी जिनिद टोपनो, आरक्षी नमन सुरिन, उप निरीक्षक सुशीला बाराइक और एलसी आशा टोप्पो की नन्हे फरिश्ते टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
कंबल में लिपटी मिली बच्ची
मौके पर टीम को एक नवजात बच्ची कंबल में लिपटी लावारिस अवस्था में मिली। आसपास बच्ची के माता-पिता अथवा अभिभावक के रूप में दावा करने वाला कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। बच्ची की सुरक्षा और उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उप निरीक्षक हेमंत कुमार और नन्हे फरिश्ते टीम ने उसे सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट रांची पहुंचाया।

सीसीटीवी में तलाशा गया सुराग
बच्ची को वहां छोड़कर जाने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला गया। हालांकि, जिस स्थान पर बच्ची को छोड़कर जाने का अंदेशा है, वहां सीसीटीवी नहीं था। इस कारण बच्ची को छोड़कर जानेवाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी।
रेलवे कर्मचारी की सजगता से नवजात को मिला सुरक्षित संरक्षण
रांची रेलवे आफिसर्स कालोनी में गुरुवार सुबह मार्निंग वाक के दौरान रांची रेल मंडल के वाणिज्य विभाग में कार्यरत जनरल असिस्टेंट संतोष कुमार की नजर लावारिस अवस्था में मिले नवजात शिशु पर पड़ी।
उन्होंने तत्काल संबंधित रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नवजात को सुरक्षित संरक्षण में लिया। संतोष कुमार की सजगता और तत्परता से नवजात को समय पर आवश्यक देखभाल एवं संरक्षण मिल सका।
सीडब्ल्यूसी की मौजूदगी में अस्पताल पहुंचाया
बच्ची को आरपीएफ पोस्ट रांची लाए जाने के दौरान बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के कर्मचारी शंकर प्रजापति भी मौजूद रहे। घटना की सूचना एलपीएस, चुटिया को भी दी गई। इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सहयोग से नवजात बच्ची को आवश्यक चिकित्सीय उपचार और संरक्षण के लिए हास्पिटल में भर्ती कराया गया।
