विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रांची में छात्रों के बीच पहुंचे पूर्व CM रघुवर दास, बोले- 1 सप्ताह में मांगे पूरी नहीं हुई तो करूंगा अनशन

Updated: Thu, 13 Aug 2026 02:15 AM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची में छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई तो बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर अनशन करेंगे।

छात्रों के बीच पहुंचे पूर्व सीएम रघुवर दास। (वीडियो ग्रैब)

छात्रों के बीच पहुंचे पूर्व सीएम रघुवर दास। (वीडियो ग्रैब)

HighLights

  1. रघुवर दास ने रांची में छात्र आंदोलन को समर्थन दिया।

  2. एक सप्ताह में सीबीआई जांच न होने पर अनशन की चेतावनी।

  3. हेमंत सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप।

जागरण संवाददाता, रांची। बुधवार की शाम जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे छात्रों व देवेंद्रनाथ महतो गुट के आंदोलन को समर्थन देने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पहुंचे और दोनों मंचों से राज्य सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई तो धरती आबा बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर अनशन करेंगे।

दास ने कहा कि बच्चे गांधी और आंबेडकर से प्रेरित होकर अहिंसात्मक आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार इनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा, हम यहां राजनीति करने नहीं आए। बच्चों के भविष्य का सवाल है। छात्रों में उत्साह भरते हुए कहा कि हमने ने छात्र राजनीति की है। जेल गए हैं। यहां कोई पलामू के महुआडाड़ से छात्र आया है, कोई सारंडा के जंगल से। इन छात्रों के प्रति राज्य सरकार का रवैया ठीक नहीं है।

उन्होंने अधिकारियों के चेतावनी देते हुए कि झामुमो की सरकार आज है, कल नहीं रहेगी। आपके मां-बाप ने पेट काटकर आपको पढ़ाया और इस योग्य बनाया है, लेकिन आप लोग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।

उन्होंने हेमंत पर धावा बोलते हुए, सरकार बताए पिछले छह साल में कितने आदिवासी-मूलवासी की नियुक्ति की है? उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) से ज्यादा जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) व सीजीएल (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) ने झारखंडी छात्रों का भविष्य बर्बाद किया है।

रघुवर ने कहा, छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उनकी जायज मांगों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। जिस प्रकार छात्रों के विधानसभा मार्च में हेमंत सरकार ने लाठी चलवाई है, यह निंदनीय है। छात्र शांतिपूर्ण और अनुशासन के साथ मार्च कर रहे थे।

पहली बार देखा ऐसा मार्च

झारखंड बनने के बाद पहली बार ऐसा मार्च देखा गया, जो सफल रहा। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार छात्रों की मांग पूरी नहीं करती है, तो एक सप्ताह के बाद बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर अनशन करेंगे।

दास ने कांग्रेस सरकार के मंत्रियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के चार मंत्री प्रेस कान्फ्रेंस करते है, लेकिन विधानसभा मार्च में छात्रों की पिटाई पर निंदा भी नहीं की।

इसके पूर्व वे पौने सात बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और दोनों पर जाकर छात्रों से मुलाकात की और उनकी बातों को गंभीरता से सुना। बीच-बीच में छात्र ताली बजाकर दास की बातों का जोरदार समर्थन कर रहे थे। दास के आने से छात्रों का उत्साह भी दोगुना हो गया।

यह भी पढ़ें- 'छात्रों पर लाठीचार्ज गलत, बातचीत से निकलेगा हल', झारखंड प्रोटेस्ट पर बोले राहुल गांधी