15 अगस्त से धोनी का ये रिश्ता है बेहद खास, 7:29 बजे लिया था वो फैसला... जिसने करोड़ों फैंस को रुला दिया
धोनी ने 15 अगस्त 2020 को शाम 7:29 बजे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिसके आज 6 साल पूरे हो गए हैं। रांची के 'कैप्टन कूल' ने भारत को 2007 टी20 और 2011 वनडे विश्व कप सहित तीनों प्रमुख ICC ट्रॉफी जिताईं।

धोनी ने 15 अगस्त 2020 को संन्यास की घोषणा की।
HighLights
धोनी ने 15 अगस्त 2020 को संन्यास की घोषणा की।
आज उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के 6 साल पूरे।
जागरण संवाददाता, रांची। 15 अगस्त देश तिरंगे के रंग में रंग था। कहीं ध्वजारोहण हो रहा था, कहीं राष्ट्रगान गूंज रहा था। लेकिन 6 साल पहले इसी दिन शाम 7 बजकर 29 मिनट पर करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए अचानक सब कुछ बदल गया था। रांची के 'कैप्टन कूल' महेंद्र सिंह धोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया।
धोनी ने अपने संदेश में लिखा था “From 1929 hrs consider me as Retired.” यह बेहद छोटा संदेश था, लेकिन इसके साथ भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे यादगार अध्यायों में से एक का अंत हो गया। ICC ने भी उनके संन्यास को उनकी शैली के अनुरूप बेहद शांत और अप्रत्याशित बताया था।

आज 15 अगस्त 2026 को उसे फैसले के 6 साल पूरे हो गए हैं। खास बात यह है कि धोनी ने अपने करियर की विदाई के लिए भी वही तारीख चुनी, जिस दिन पूरा देश आजादी का जश्न मनाता है। एक तरफ देश अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद कर रहा था और दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट के एक युग के खत्म होने की खबर सामने आ गई थी।
रांची से निकला था, वह लड़का जिसने दुनिया को चौंका दिया
महेंद्र सिंह धोनी का अंतरराष्ट्रीय सफर दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे से शुरू हुआ था। रांची से निकला यह विकेटकीपर-बल्लेबाज कुछ ही वर्षों में भारतीय क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद नाम बन गया।
2007 में जब भारत पहली बार टी20 विश्व कप चैंपियन बना तो कप्तान धोनी थे। चार साल बाद 2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जब भारत ने 28 साल बाद वनडे विश्व कप जीता, तब भी ट्रॉफी उठाने वाले कप्तान धोनी ही थे। BCCI के अनुसार, 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद वह तीनों प्रमुख ICC ट्रॉफी जीतने वाले पहले और अब तक के इकलौते कप्तान रहे।
7:29 का वह संदेश आज भी याद है
15 अगस्त 2020 की शम धोनी ने अपने करियर के यादगर पलों को जोड़कर एक वीडियो साझा कर संन्यास लिया था। यह धोनी के अंदाज के बिल्कुल अनुरूप था- न कोई लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस, न कोई बड़ा ऐलान। बस कुछ शब्द और एक वीडियो। लेकिन उन शब्दों ने करोड़ों प्रशंसकों को भावुक कर दिया।
धोनी की पहचान से विश्व कप जीतने वाले कप्तान की नहीं थी। विकेट के पीछे उनकी तेजी भी उनकी सबसे बड़ी ताकत में शामिल रही।
ICC के मुताबिक, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 829 dismissals किए और इस मामले में वह दुनिया के तीसरे सबसे सफल विकेटकीपर रहे।
वहीं BCCI के अनुसार उनके नाम 195 international stumpings हैं, जो अब भी विकेटकीपरों में सर्वाधिक हैं। वनडे में भी धोनी का रिकॉर्ड बेहद खास रहा। उन्होंने 350 वनडे में 10,773 रन बनाएं और विकेट के पीछे 444 शिकार किए। इनमें 321 कैच और 123 स्टंपिंग शामिल हैं।
2011 का वह छक्का आज भी याद है
धोनी की कहानी 15 अगस्त से इसलिए भी जुड़ती है क्योंकि उनका नाम भारतीय क्रिकेट की उन यादों में शामिल है, जो हर स्वतंत्रता दिवस पर फिर ताजा हो जाती है।
2011 विश्व कप फाइनल की आखिरी गेंदों में उनका लगाया छक्का आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित पलों में गिना जाता है। 28 साल बाद भारत को विश्व कप दिलाने वाले कप्तान के रूप में धोनी की तस्वीर करोड़ भारतीयों की याद में दर्ज हो गई है। और फिर 9 साल बाद इस आजादी के दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
15 अगस्त से जुड़े गई धोनी की विदाई की तारीख
धोनी ने जिस दिन संन्यास लिया वह सिर्फ उनके क्रिकेट करियर का आखिरी अध्याय नहीं था। वह भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे दौर का अंत था, जिसमें एक रांची का लड़का कप्तान बना, विश्व चैंपियन बना और जिसने अपनी शांत शैली से पूरी दुनिया में पहचान बनाई। धोनी मैदान से भले ही दूर हो चुके हैं लेकिन 'कैप्टन कूल' की कहानी में रांची तिरंगा और 7:29 का वह वक्त हमेशा साथ याद किया जाएगा।

