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    रांची में ट्रेन की छत पर रील बनाना पड़ा महंगा, हाई-टेंशन तार की चपेट में आने से युवक हुआ घायल

    Updated: Mon, 09 Feb 2026 09:22 PM (IST)

    मैक्लुस्कीगंज स्टेशन पर एक युवक शक्ति पुंज एक्सप्रेस की छत पर वीडियो बनाते समय हाई-टेंशन तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना रेल यात ...और पढ़ें

    रील बनाने के दौरान हाइटेंशन तार की चपेट में आने से युवक घायल। (AI Generated Image)

    रील बनाने के दौरान हाइटेंशन तार की चपेट में आने से युवक घायल। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. युवक ट्रेन की छत पर रील बनाते हुए घायल हुआ।

    2. हाई-टेंशन तार की चपेट में आने से गंभीर चोटें आईं।

    3. घटना ने रेल सुरक्षा और जागरूकता की कमी उजागर की।

    जागरण संवाददाता, मैक्लुस्कीगंज। मैक्लुस्कीगंज स्टेशन पर शक्ति पुंज एक्सप्रेस की छत पर चढ़े युवक के हाइटेंशन तार की चपेट में आने से घायल होने की घटना ने एक बार फिर रेल यात्राओं में बढ़ती लापरवाही और जागरूकता की कमी को उजागर कर दिया है।

    इंटरनेट मीडिया पर रील और व्यूज की होड़ में यात्री न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ट्रेन की छत पर चढ़कर वीडियो बना रहा था, इसी दौरान हाइटेंशन तार की चपेट में आने से झुलस कर नीचे गिर पड़ा। गनीमत रही कि समय रहते एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, अन्यथा हादसा जानलेवा भी हो सकता था।

    चेतावनी के बावजूद क्यों नहीं रुक रही लापरवाही?

    रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बार-बार चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना मना है और वीडियो/रील बनाना खतरनाक है जैसे निर्देश लिखे होने के बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। सवाल यह है कि क्या चेतावनियां केवल बोर्ड तक सीमित रह गई हैं?

    जागरूकता की कमी या नजरअंदाज?

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रियों में सुरक्षा नियमों को लेकर गंभीरता नहीं है। कई युवा यात्री ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर, खिड़की से बाहर झुककर या चढ़ते-उतरते समय मोबाइल से वीडियो बनाते देखे जाते हैं। यह न सिर्फ स्वयं के लिए, बल्कि सहयात्रियों के लिए भी खतरा है।

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    रेलवे की भूमिका भी सवालों में

    यात्रियों की लापरवाही के साथ-साथ रेलवे प्रशासन की जागरूकता अभियान और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या स्टेशनों पर नियमित अनाउंसमेंट, आरपीएफ की सख्त निगरानी और उल्लंघन पर त्वरित जुर्माना लगाया जा रहा है?

    सीख जरूरी, वरना हादसे दोहराए जाएंगे

    यह घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते यात्रियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता नहीं लाई गई, तो ऐसे हादसे बार-बार दोहराए जाएंगे। रेलवे, प्रशासन और समाज-तीनों की साझा जिम्मेदारी है कि रील से पहले रियल लाइफ की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।