30 से बढ़ाकर 60 साल की गई थी लीज: IRCTC होटल घोटाले में लालू प्रसाद और तेजस्वी समेत कई पर CBI का आरोप
तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव पर रांची के आईआरसीटीसी होटल बीएनआर को अपने करीबियों को लीज पर देने का आरोप है।

लालू यादव। (फोटो- ANI)
HighLights
लालू प्रसाद ने रांची का होटल बीएनआर लीज पर दिया।
करीबियों को लीज देने के बदले बेनामी संपत्ति मिली।
सीबीआई ने लालू परिवार के सदस्यों को आरोपित बनाया।
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची रेलवे स्टेशन के समीप स्थित इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के होटल बीएनआर को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने करीबी हर्ष कोचर को 60 साल के लीज पर दे दिया था।
यह रेलवे का हेरिटेज होटल था। इतना ही नहीं, पुरी में भी रेलवे के होटल को लालू प्रसाद ने लीज पर दिया था। हर्ष कोचर पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हैं।
बताया जा रहा है कि इसके बदले में लालू परिवार को बेनामी संपत्ति मिली थी। लालू प्रसाद वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। इसी कार्यकाल में उन्होंने लीज दिया था। सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद उक्त होटल में छापेमारी भी की थी और जांच में उपरोक्त आरोपों को सत्य पाया था।
सीबीआई ने जांच में पाया था कि होटल बीएनआर रेलवे की संपत्ति थी, जिसे निजी कंपनी को संचालन का जिम्मा दे दिया गया था।
ये बने थे आरोपित
इसके बाद सीबीआई ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी के अलावा तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेजप्रताप प्रताप यादव व सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता को भी आरोपित बनाया था।
सीबीआई जांच में यह पता चला था कि यह गड़बड़ी कर तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने सहयोगी झारखंड के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी को फायदा पहुंचाया था।
यह भी जानकारी सामने आई थी कि लीज पहले 30 साल के लिए दिया गया था। बाद में आरोपितों को लाभ पहुंचाने के लिए लीज की अवधि को 30 साल से बढ़ाकर 60 साल कर दिया गया था।
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