Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    झारखंड में मेधा घोटाले के बाद JSSC परीक्षा में बड़ा बदलाव, प्रारंभिक परीक्षा अब तीन पालियों में

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:17 AM (IST)

    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने अपनी परीक्षाओं में बड़े बदलाव किए हैं, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा अब तीन शिफ्टों में होगी और मुख्य परीक्षा CBT मोड मे ...और पढ़ें

    सीबीटी मोड में होगी मुख्य परीक्षा, सही कंप्यूटर एजेंसी का किया जाएगा चयन।

    सीबीटी मोड में होगी मुख्य परीक्षा, सही कंप्यूटर एजेंसी का किया जाएगा चयन।

    HighLights

    1. प्रारंभिक परीक्षा अब एक ही दिन तीन शिफ्टों में होगी।

    2. मुख्य परीक्षा कंप्यूटर आधारित CBT मोड में आयोजित की जाएगी।

    3. पारदर्शिता के लिए सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक दिखेंगे।

    राज्य ब्यूरो, रांची। प्रतियोगिता परीक्षाओं में सुधार की कवायद में राज्य सरकार ने अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में व्यापक बदलाव का निर्णय लिया है। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने रविवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पहले आयोग की परीक्षाएं एक ही चरण में होती थीं।

    इससे माफिया तत्व को गड़बड़ी करने का मौका मिल जाता था। अब आयोग ने 50 हजार से अधिक आवेदन मिलने पर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा आयोजित करने का निर्णय किया है।

    साथ ही प्रारंभिक परीक्षा अब एक ही दिन तीन चरणों में होगी, जिनमें अलग-अलग अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। तीनों चरणों के प्रश्नपत्र अलग-अलग होंगे। प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना को खत्म करने के लिए ऐसा किया गया है।

    आयोग के अध्यक्ष के अनुसार, परीक्षा के दिन सुबह पांच बजे रैंडमली तय होगा कि कौन से प्रश्नपत्र किस चरण के लिए भेजे जाएंगे। ऐसे में परीक्षा माफिया को तीनों प्रश्नपत्रों के प्रश्नों को रटवाना पड़ेगा। इससे रिस्क फैक्टर काफी कम हो जाएगा।

    अध्यक्ष के अनुसार, मुख्य परीक्षा के लिए कुल पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। यह परीक्षा सीबीटी (कंप्यूटर आधारित) मोड में होगी। उनके अनुसार, अधिक अभ्यर्थी होने से सीबीटी परीक्षा आयोजित होने में कठिनाई होती है। लेकिन मुख्य परीक्षा में 15 से 20 हजार अभ्यर्थी ही सम्मिलित होते हैं।

    उनके अनुसार, सीबीटी मोड में परीक्षा आयोजित करने के लिए वैसी कंप्यूटर एजेंसियों का चयन किया जाएगा जिनपर पूरी तरह विश्वास किया जा सके तथा जो पूरी तरह परीक्षा आयोजित करने में सक्षम हों। उन्होंने दो एजेंसियों के विरुद्ध हाल ही में प्राथमिकी दर्ज कराने तथा काली सूची में डालने की भी जानकारी दी।

    खबरें और भी

    परीक्षार्थी देख सकेंगे सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक

    अध्यक्ष ने नई प्रस्तावित नियमावली का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि परीक्षार्थी अब मेरिट सूची में सम्मिलित सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक देख सकेंगे। इससे उन्हें पता चल जाएगा कि वे कितना पानी में हैं।

    इससे पारदर्शिता आएगी तथा किसी अभ्यर्थी को यह भ्रम भी नहीं होगा कि अधिक अंक लाने के बाद भी उसका चयन नहीं हुआ। वर्तमान में अभ्यर्थी दूसरे के प्राप्तांक नहीं देख सकते थे, लेकिन अब उनके लाग इन में यह देखने की सुविधा प्राप्त होगी।

    आयोग में शिकायत कोषांग का गठन

    अध्यक्ष ने कहा कि आयोग में शिकायत कोषांग का गठन किया जाएगा तथा एक सप्ताह के भीतर शिकायतों का निष्पादन होगा। उन्होंने कहा कि आयोग में अभ्यर्थियों के लिए शेड की भी व्यवस्था की जाएगी जहां पेयजल, शौचालय आदि की भी सुविधा उपलब्ध होगी। 

    यह भी पढ़ें- JPSC के पूर्व चेयरमैन ने काम देने के बदले दो करोड़ रुपये में किया था सौदा, CID के सामने TDPL मैनेजर बड़ा खुलासा

    यह भी पढ़ें- CGL रद और CBI जांच पर नहीं बनी बात, जारी रहेगी छात्रों की हड़ताल, 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव