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JSSC CGL पेपर लीक मामला: पटना का दलाल राजन गिरफ्तार, मिथिलेश सिंह सिंडिकेट से खुले कई बड़े राज

Published: Mon, 07 Sep 2026 09:32 PM (IST)

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में धांधली के आरोप में सीआईडी ने पटना निवासी दलाल राजन कुमार को गिरफ्तार किया है।

सीआईडी को छानबीन में राजन कुमार और अभ्यर्थियों के बीच बड़े पैमाने पर रुपयों के लेन-देन और वित्तीय ट्रांजेक्शन के ठोस सबूत मिले हैं।

सीआईडी को छानबीन में राजन कुमार और अभ्यर्थियों के बीच बड़े पैमाने पर रुपयों के लेन-देन और वित्तीय ट्रांजेक्शन के ठोस सबूत मिले हैं।

HighLights

  1. दलाल राजन कुमार को सीआईडी ने गिरफ्तार किया।

  2. मिथिलेश सिंह सिंडिकेट से जुड़ा था राजन।

  3. पुनः जांच में अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) प्रतियोगिता परीक्षा में रुपयों के बदले अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेने वाले आरोपित दलाल राजन कुमार को सीआईडी (CID) ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। 
 
गिरफ्तार राजन कुमार मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना का रहने वाला है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों और अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया था। 
 
इसके बाद सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने समन भेजकर उसे पूछताछ के लिए बुलाया और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। 


सीआईडी को छानबीन में राजन कुमार और अभ्यर्थियों के बीच बड़े पैमाने पर रुपयों के लेन-देन और वित्तीय ट्रांजेक्शन के ठोस सबूत मिले हैं।

मिथिलेश सिंह सिंडिकेट का अहम मोहरा था राजन 

जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार राजन जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन (ICN) के संचालक मिथिलेश सिंह के सिंडिकेट से सीधे तौर पर जुड़ा था। 
 
मिथिलेश सिंह भी मूल रूप से बिहार का ही निवासी है। विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के संचालन के दौरान राजन की मुलाकात मिथिलेश से हुई थी। 
 
मिथिलेश ने ही राजन को अभ्यर्थियों से संपर्क साधने, परीक्षा पास कराने की सेटिंग करने और वसूली का जिम्मा दिया था।
 
राजन अभ्यर्थियों से पैसे जुटाकर मिथिलेश सिंह तक पहुंचाता था और इसके एवज में उसे भारी रकम (कमीशन) मिलती थी। 
 

दिल्ली से पकड़े गए एजेंसी कर्मियों ने खोला था राज  

कई अभ्यर्थियों ने इस सेटिंग के जरिए परीक्षा में सफलता भी हासिल की है। इससे पहले सीआईडी ने परीक्षा एजेंसी ICN के दो कर्मियों- सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। 
 
आठ दिनों की पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में दोनों कर्मियों (जो मिथिलेश के लिए वसूली और पेपर लीक से जुड़े काम देखते थे) ने दलाल राजन के ठिकाने और भूमिका की जानकारी दी थी। उसी इनपुट के आधार पर सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए राजन को धर दबोचा।

 

दोबारा जांच शुरू होने के बाद से अब तक 12 गिरफ्तार

 
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली मामले की जांच दोबारा शुरू होने के बाद से महज एक महीने के भीतर 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 
 
इनमें 9 सफल अभ्यर्थी, परीक्षा एजेंसी ICN के 2 कर्मचारी और 1 दलाल शामिल हैं। हालिया गिरफ्तारियों में मास्टरमाइंड अभ्यर्थी अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी, ICN कर्मी सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार, सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, समीर कुमार, कुंदन कुमार और अब दलाल राजन कुमार शामिल हैं। 
 
उल्लेखनीय है कि सीआईडी ने 1 जनवरी 2025 को कांड संख्या 01/2025 दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी। शुरुआती चरण में 16 आरोपितों (जिनमें अधिकतर झारखंड पुलिस के जवान थे) को जेल भेजा गया था। 
 
हाल ही में जेपीएससी (JPSC) मेधा घोटाले की जांच के दौरान नए सिरे से लिंक मिलने के बाद सीआईडी की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है।