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झारखंड: पहले से ब्लैकलिस्ट थी परीक्षा कराने वाली एजेंसी ICN, फिर भी मिला JSSC CGL का काम; CID खंगाल रही राज

Published: Sun, 30 Aug 2026 08:39 PM (IST)

सीआईडी की एसआईटी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन में शामिल ब्लैकलिस्टेड एजेंसी आईसीएन की जांच कर रही है।

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HighLights

  1. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में आईसीएन एजेंसी की भूमिका की जांच।

  2. आईसीएन पहले से ही कई बोर्डों द्वारा ब्लैकलिस्टेड थी।

  3. सीआईडी पता लगा रही ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को काम कैसे मिला।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी आईसीएन को लेकर भी सीआईडी की एसआईटी को कई अहम जानकारियां मिलीं हैं।

आईसीएन एजेंसी पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों व राज्य बोर्ड के माध्यम से ब्लैकलिस्ट थी। अब सीआईडी यह पता लगा रही है कि जब एजेंसी ब्लैकलिस्ट थी तब उसे जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के संचालन का काम कैसे मिला।

सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए आईसीएन के दो कर्मियों सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार से तीसरे दिन भी पूछताछ में इसपर सवाल किया है। दिल्ली से गिरफ्तार दोनों ही आरोपित सीआईडी की पांच दिनों की रिमांड पर हैं।

सीआईडी उनकी एजेंसी आईसीएन की जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन में भूमिका की भी जानकारी जुटा रही है। सीआईडी यह जानना चाह रही है कि परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी का आईसीएन के साथ किस तरह का करार था।

आईसीएन के विरुद्ध बिहार के शास्त्रीनगर थाने में भी दर्ज है प्राथमिकी

परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी आईसीएन के विरुद्ध पटना के शास्त्रीनगर थाने में भी वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज है। बिहार पुलिस सिपाही भर्ती (सीएसबीसी पटना, विज्ञापन सं. 02/2018) के दौरान आईसीएन ने अभ्यर्थियों से फार्म फीस के तौर पर वसूले गए 14,06,39,674 रुपये बोर्ड के खाते में जमा नहीं किया था।

इस मामले में शास्त्री नगर थाने में 2019 में 409 व 420 भादवि के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बोर्ड ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।

पटना हाईकोर्ट ने भी 2021 में कंपनी के खिलाफ पारित ब्लैकलिस्टिंग के फैसले को सही ठहराया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पुलिस फाइनेंस-V विंग ने भी 13 फरवरी 2024 को जारी आदेश के तहत आईसीएन कंपनी को मंत्रालय और उसके सभी अधीनस्थ विभागों से एक साल के लिए काली सूची में डाल दिया था।

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