JPSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी का असर, नियुक्तियां अटकीं तो विभागों को अनुबंध का लेना पड़ रहा सहारा
जेपीएससी में गड़बड़ियों और अध्यक्ष-सदस्यों की कमी के कारण नियुक्तियां ठप हैं, जिससे विभाग अनुबंध पर भर्ती का सहारा ले ...और पढ़ें

जेपीएससी में गड़बड़ियों के कारण नियुक्तियां रुकीं।
HighLights
जेपीएससी में गड़बड़ियों के कारण नियुक्तियां रुकीं।
विभाग महत्वपूर्ण पदों पर अनुबंध से भर्ती कर रहे।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग की प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ियों का असर नियुक्ति प्रक्रिया पर पूरी तरह पड़ा है। जहां इसकी 22 परीक्षाएं रद कर दी गई हैं, वहीं, आधा दर्जन प्रतियोगिता परीक्षाओं को स्थगित भी रखा गया है।
फिलहाल आयोग में नियुक्ति प्रक्रियाएं ठप हैं। कई महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इस कारण विभिन्न विभाग अब जरूरी पदों पर अनुबंध पर नियुक्ति का सहारा लेने की तैयारी में जुट गए हैं।
जेपीएससी में जिन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया रूकी है, उनमें मेडिकल कॉलेजों के सुपर स्पेशियलिटी विभागों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति भी सम्मिलित हैं। कुल 90 पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए आयोग द्वारा आवेदन भी मंगा लिए गए हैं। हालांकि राज्य सरकार द्वारा इस परीक्षा को न तो रद किया गया है और न ही स्थगित किया गया है, क्योंकि इसमें सिर्फ आवेदन ही मंगाए गए थे।
इसके बाद भी इस परीक्षा के आयोजन में देरी होने की पूरी संभावना है। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने नियमित नियुक्ति में देरी को देखते हुए चिकित्सकों के अनुबंध पर नियुक्ति की नियमावली तैयार की है।
हाल ही में मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा के क्रम में फैक्ल्टी की कमी की जानकारी प्राचार्यों ने दी, जिसपर विभाग ने अनुबंध पर नियुक्ति करने का सुझाव दिया। कुछ अन्य विभाग तत्कालीन व्यवस्था के तहत अनुबंध पर नियुक्ति पर विचार कर रहे हैं। जेपीएससी में आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी काफी पहले से लंबित है।
इसके तहत होम्योपैथी चिकित्सा पदाधिकारी के 137, आयुर्वेद चिकित्सा पदाधिकारी के 207 तथा यूनानी चिकित्सा पदाधिकारी के 78 पदों पर नियुक्ति होनी है। दूसरी तरफ, आयोग में अभी तक अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। अध्यक्ष का पद 21 जुलाई से ही रिक्त है। अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति होने के बाद ही आयोग में नियुक्ति प्रक्रियाएं आगे बढ़ पाएंगी।
