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स्ट्रांग रूम से 30 उत्तर पुस्तिकाएं निकाल कर बाहर लिखवाने के बाद वापस रखी गईं, 100 कैंडिडेट को पास कराने का ठेका

Published: Fri, 04 Sep 2026 09:17 PM (IST)Updated: Sat, 05 Sep 2026 05:21 PM (IST)

JPSC Scam: जेपीएससी एसीएफ और एफआरओ नियुक्ति परीक्षा में अधिकारियों, दलालों और एजेंटों के सिंडिकेट ने लगभग 100 अभ्यर्थियों को ...और पढ़ें

30 अभ्यर्थियों की कापियां बाहर में लिखवाई, 40 की उत्तर पुस्तिकाओं के साफ्टवेयर में की हेराफेरी।

30 अभ्यर्थियों की कापियां बाहर में लिखवाई, 40 की उत्तर पुस्तिकाओं के साफ्टवेयर में की हेराफेरी।

HighLights

  1. 1.20 करोड़ रुपये वसूले गए, 100 अभ्यर्थियों को पास कराने की साजिश।

  2. 30 अभ्यर्थियों की कॉपियां बाहर लिखवाकर वापस स्ट्रांग रूम में रखी गईं।

  3. 40 उत्तर पुस्तिकाओं के सॉफ्टवेयर में हेराफेरी कर पास कराया गया।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) नियुक्ति परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता सहित विभिन्न बिंदुओं पर आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को पास कराने के एवज में वसूली की गई थी। करीब 1.20 करोड़ रुपये नकदी की वसूली की गई थी।

अधिकारियों, दलाल व एजेंट्स के सिंडिकेट ने करीब 100 अभ्यर्थियों को पास करवाने की साजिश रची। इसके लिए प्रत्येक से प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के लिए पांच-पांच लाख रुपये की वसूली की गई थी। मुख्य परीक्षा में कापी लिखने के लिए बाहर के प्रोफेसरों की मदद ली गई।

यहां तक कि स्ट्रांग रूम से उत्तर पुस्तिकाएं भी निकाली गईं। सीआइडी की पूछताछ में परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह व अभय तिवारी ने इसका खुलासा किया है।

रामबीर ने यह भी बताया है कि अभ्यर्थियों की खाली ओएमआर शीट भरने के लिए दिल्ली और लखनऊ से विशेष टीम आई, जबकि मुख्य परीक्षा के प्रश्न रांची व हजारीबाग के परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाए गए और लिखवाए गए।

टीडीपीएल के एक कर्मी प्रदीप वर्मा के अनुसार उसने ही स्ट्रांग रूम से करीब 30 अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं निकालीं थीं। बाहर से लिखवाने के बाद पुन: कापियां वापस वहां रखी गईं।

एक आरोपित संजय के अनुसार ने पूछताछ में खुलासा किया कि एफआरओ मुख्य परीक्षा में करीब 25 और एसीएफ मुख्य परीक्षा में करीब 15 अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं में बदलाव कर पास कराया गया था।