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SIR Jharkhand: मतदाता पंजीकरण के लिए 3.19 लाख आवेदन जमा, दावा-आपत्ति का करें त्वरित निष्पादन

Published: Sat, 05 Sep 2026 11:00 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 08:34 AM (IST)

राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अब तक 3.19 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण ...और पढ़ें

मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या संशोधन के लिए 15 सितंबर तक लिए जाएंगे फार्म।

मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या संशोधन के लिए 15 सितंबर तक लिए जाएंगे फार्म।

HighLights

  1. मतदाता पंजीकरण के लिए 3.19 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त।

  2. दावा-आपत्ति जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर।

  3. उपायुक्त ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया।

जागरण संवाददाता, रांची। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावा-आपत्ति चरण में अबतक 3,19,457 लोगों ने मतदाता पंजीकरण के लिए फार्म-6 के रूप में अपने आवेदन दिए हैं।

वहीं, 2,06,499 लोगों के आवेदन फार्म-8 के रूप में स्थान परिवर्तन तथा मतदाता सूची में दर्ज अपने नाम, पता या अन्य संशोधन को लेकर दिए गए हैं। एसआईआर के तहत दावा एवं आपत्ति चरण 15 सितंबर तक चलेगा। इस अवधि तक ही फार्म लिए जाएंगे।

इधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6, एक मतदान केंद्र से दूसरे मतदान केंद्र, एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे विधानसभा क्षेत्र अथवा एक राज्य से दूसरे राज्य में नाम स्थानांतरित करवाने तथा प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार करवाने के लिए फार्म-8 और मतदाता सूची में किसी नाम के समावेशन पर आपत्ति अथवा नाम विलोपन के लिए फार्म-7 जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है।

उन्होंने सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर मतदाता सूची में अपने नाम एवं विवरण की जांच कर आवश्यकतानुसार संबंधित फार्म अवश्य जमा करें। बताते चलें कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर को किया जाएगा।

अन्य प्राप्त फार्म की स्थिति

  • प्रवासी नागरिकों के लिए फार्म-6ए के माध्यम से प्राप्त कुल आवेदन : 66
  • नाम के समावेशन पर आपत्ति अथवा नाम विलोपन के लिए फार्म-7 के माध्यम से प्राप्त कुल आवेदन/आपत्तियां : 2,214

रांची में घर-घर संपर्क अभियान और ‘फैमिली टुगेदर’ स्टिकर की समीक्षा

दावा-आपत्ति से जुड़े लंबित मामलों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन करने का निर्देश जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दिया। शनिवार को एसआइआर के तहत चल रहे निर्वाचन कार्यों की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

ऑनलाइन माध्यम से हुई बैठक में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के साथ सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) और अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में एसआइआर के तहत अब तक हुए कार्यों की विधानसभावार समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने दावा-आपत्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई, नोटिस जारी करने, प्रपत्र-6 और प्रपत्र-8 के लिए पात्र मतदाताओं से संपर्क, प्राप्त प्रपत्रों की जांच और उनके निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कार्य लंबित नहीं रखा जाए और अनावश्यक विलंब की स्थिति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने बूथ स्तरीय पदाधिकारियों (बीएलओ) को प्रपत्र-6 और प्रपत्र-8 से संबंधित कार्यों में सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया। पात्र नागरिकों तक आवश्यक जानकारी और प्रपत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ प्राप्त प्रपत्रों के सत्यापन और आगे की कार्रवाई में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने को कहा।

पारदर्शिता व विश्वसनीयता सुनिश्चित करना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा

बैठक में बीएलओ के घर-घर संपर्क अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्धारित अवधि में घर-घर संपर्क अभियान प्रभावी ढंग से पूरा कराने का निर्देश दिया। मतदाताओं से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने, उसका सत्यापन करने और ‘फैमिली टुगेदर’ स्टिकर लगाने के कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने को कहा।

इसके अलावा बीएलओ द्वारा बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) को उपलब्ध कराए जाने वाले प्रपत्र-9, प्रपत्र-10, प्रपत्र-11, प्रपत्र-11ए और प्रपत्र-11बी की प्रक्रिया की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को सभी प्रपत्रों का आदान-प्रदान नियमानुसार करने और आवश्यक अभिलेख व रिकार्ड व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एसआइआर के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो तथा अपात्र या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का नियमानुसार निराकरण किया जाए, इसे प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।