SIR Jharkhand: दावा-आपत्ति के लिए सिर्फ दो दिन शेष, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पात्र नागरिकों से की फार्म-6 भरने की अपील
SIR Jharkhand: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के तहत अब मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने या सुनवाई के ...और पढ़ें

अब घर जाकर बीएलओ लेंगे दस्तावेज, विशेष परिस्थितियों में होगी ऑनलाइन सुनवाई।
HighLights
बीएलओ घर जाकर मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे।
विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई आयोजित की जाएगी।
मतदाताओं को ईआरओ/एईआरओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को दस्तावेज देने या सुनवाई के लिए अब निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) कार्यालय का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा।मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम से संबंधित आपत्ति दर्ज करने, नाम हटाने, सुधार अथवा नाम स्थानांतरित कराने के लिए निर्धारित फार्म भरने के लिए अब सिर्फ दो दिन शेष हैं।
अब बीएलओ उन मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे, जिन्हें दावा-आपत्ति चरण में नोटिस भेजा गया है। विशेष परिस्थितियों में आनलाइन सुनवाई होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने रविवार को सभी जिलों में एसआइआर से संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को ईआरओ कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, उनके घर पर बीएलओ द्वारा स्वयं जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर ईसीआइनेट पर अपलोड किए जाएंगे, ताकि ईआरओ द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जा सके।
उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार बीएलओ को घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ सुपरवाइजर के द्वारा सहयोग किया जाएगा। वैसे बीएलओ जो तकनीकी रूप से ईसीआइनेट पर दस्तावेज को अपलोड करने में कमजोर हैं, उनकी सहायता के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार वालेंटियर एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं को पूर्व में नोटिस की सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर आने की सूचना दी जा चुकी है और वे स्वयं सुनवाई स्थल पर पहुंचते हैं, तो ऐसी स्थिति में वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहें। कोई भी मतदाता सुनवाई के लिए आए और उसे संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न मिले, ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए।
सुनवाई के लिए किसी को अधिकृत भी कर सकेंगे मतदाता
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी सूची में नोटिस प्राप्त है, उन्हें सामान्यतः ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में ईआरओ के निर्णयानुसार सुनवाई आयोजित की जाएगी। यह सुनवाई भी आनलाइन होगी।
आवश्यकता पड़ने पर निर्वाचक द्वारा परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। साथ ही, जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को सुदृढ़ एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
आश्रय स्थलों में रहनेवाले लोगों के लिए विशेष शिविर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले व्यक्तियों, श्रमिकों, गरीब, बेघर एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क/विशेष शिविर आयोजित करना सुनिश्चित करें।
इसके साथ-साथ आउटरीच प्रोग्राम के तहत मतदाताओं को फार्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़ने एवं वर्तमान में मतदाताओं से प्राप्त फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 द्वारा प्राप्त आवेदनों का डिजिटाइजेशन करें
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पात्र नागरिकों से की फार्म-6 भरने की अपील
राज्य में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम से संबंधित आपत्ति दर्ज करने, नाम हटाने, सुधार अथवा नाम स्थानांतरित कराने के लिए निर्धारित फार्म भरने के लिए अब सिर्फ दो दिन शेष हैं। दावा-आपत्ति एवं आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना आवेदन जमा करें। जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारुप मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं है, वे फार्म-6 एवं आवश्यक घोषणा पत्र ईसीआइनेट के माध्यम से अथवा संबंधित बीएलओ की सहायता से 30 सितंबर तक अवश्य जमा करें।
उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों के पास मतदाता सूची का हिस्सा बनने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए जिन लोगों का नाम प्रारुप मतदाता सूची में नहीं है, वे स्वयं आवेदन करने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों, पड़ोसियों एवं आसपास के अन्य पात्र नागरिकों को भी आवेदन करने के लिए जागरूक करें।
