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SIR Jharkhand: दावा-आपत्ति अवधि में 30 से अधिक आवेदन देने पर होगा क्रॉस वेरीफिकेशन

Published: Wed, 02 Sep 2026 07:30 PM (IST)

राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत राजनीतिक दलों के बीएलए को थोक आवेदन जमा ...और पढ़ें

ईआरओ तथा एईआर को पूरी तरह जांच कर लेने के बाद ही कार्रवाई के सख्त निर्देश।

ईआरओ तथा एईआर को पूरी तरह जांच कर लेने के बाद ही कार्रवाई के सख्त निर्देश।

HighLights

  1. थोक आवेदन पर बीएलए को सत्यापन घोषणा पत्र देना होगा।

  2. 30 से अधिक आवेदन पर व्यक्तिगत क्रास-वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।

  3. मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना उद्देश्य।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) -2 दावा एवं आपत्ति अवधि में मतदाताओं के एक साथ थोक आवेदन दे सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें यह घोषणा पत्र देना हो कि उन्होंने सूची के साथ सभी आवेदन एवं संबंधित अभिलेख में दी गई जानकारी को सत्यापित कर लिया है।

घोषणा पत्र में यह भी लिखना होगा कि वे उपलब्ध कराई गई जानकारियों की शुद्धता से संतुष्ट हैं। साथ ही उसमें बीएलए-2 का पूरा नाम, राजनीतिक दल का नाम, दिनांक एवं पूर्ण हस्ताक्षर अंकित किए जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इसे लेकर सभी उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बीएलए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से संबंधित बीएलओ के समक्ष जमा कर सकते हैं।

प्राप्त आवेदन प्रपत्रों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन एवं जांच के बाद संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दावा एवं आपत्ति चरण में बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र बीएलओ को जमा कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, यदि किसी बीएलए द्वारा पुनरीक्षण की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा किए जाते हैं, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी /सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रास-वेरिफिकेशन किया जाना आवश्यक होगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य सामूहिक रूप से प्राप्त आवेदन प्रपत्रों की शुद्धता सुनिश्चित करना तथा मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना है। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं उनके बीएलए से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए एसआईआर में समन्वय के साथ सहयोग करने की अपील की।