Jharkhand SIR Update: झारखंड में वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे 10.56 लाख नाम, गणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया जारी
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 10.56 लाख नाम हटाए जाएंगे, जिनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। मुख्य निर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
झारखंड मतदाता सूची से 10.56 लाख नाम हटाए जाएंगे।
मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर सूची से हटाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जनजातीय क्षेत्रों में मतदाताओं को प्रेरित किया।
राज्य ब्यूरो, रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) का उद्देश्य उन लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाना है, जिनका नाम गलत ढंग से सूची में बना हुआ है। साथ ही सभी पात्र मतदाताओं के नाम को मतदाता सूची में सम्मिलित करना है।
इसके तहत एएसडीडीएफ (अबसेंट, स्थानांतरित, डेथ, डुप्लीकेट तथा फॉरेनर्स) मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। SIR के तहत गणना चरण में अब तक 3,48,746 मृत लोगों की पहचान हुई है, जिनका नाम अब भी मतदाता सूची में बना हुआ था। इनके नाम अब हटाए जाएंगे, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके। मृत मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं का 1.32 प्रतिशत है।
SIR के दौरान अब तक 10.56 लाख नाम चिह्नित किए गए हैं, जो मतदाता सूची से हटेंगे। इनमें 4.88 लाख ऐसे लोग हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। 1.28 लाख पहले से दूसरी जगह पंजीकृत हैं। 88 हजार मतदाता सत्यापन के दौरान बीएलओ को नहीं मिले। दावा एवं आपत्ति के बाद इन सभी के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।
इधर, गणना चरण में 98 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। वहीं, 77 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड कर दिया गया है। अबतक 10,56,435 मतदाताओं के गणना प्रपत्र बीएलओ को नहीं मिले हैं।
जनजातीय समुदाय द्वारा गणना प्रपत्र नहीं भरने की सूचना पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पहुंचे तोरपा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने तोरपा, खूंटी एवं तमाड़ क्षेत्र के जनजातीय समुदाय के कुछ लोगों द्वारा गणना प्रपत्र भरकर जमा करने से मना करने की सूचना पर मंगलवार को खूंटी पहुंचे।
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इस दौरान उन्होंने उनके आवास स्थल पर जाकर मतदाताओं से मुलाकात की एवं उन्हें गणना प्रपत्र भरकर अपने बीएलओ को जमा करने के लिए प्रेरित भी किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराना चाहिए। यह उनका संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। इसलिए कोई भी पात्र भारतीय नागरिक अपने इस संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे। मतदाता सूची में नाम जुड़वाकर आप अपने मताधिकार को संरक्षित करें।