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जल जीवन मिशन: झारखंड को तीन दिन में मिलेंगे 300 करोड़, मंत्री ने उठाई शेष राशि की मांग

Published: Wed, 02 Sep 2026 09:10 AM (IST)

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सम्मेलन में झारखंड को जल जीवन मिशन के तहत तीन दिनों में 300 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में आयोजित विभागीय सम्मेलन में केंद्र ने दी सहमति।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में आयोजित विभागीय सम्मेलन में केंद्र ने दी सहमति।

HighLights

  1. झारखंड को जल जीवन मिशन में 300 करोड़ मिलेंगे।

  2. मंत्री ने 6,105 करोड़ की शेष राशि मांगी।

  3. खराब चापाकलों को रिचार्ज पिट बनाने को केंद्रांश चाहिए।

राज्य ब्यूरो, रांची। नई दिल्ली स्थिति सुषमा स्वराज भवन में मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन-2026 में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद सम्मिलित हुए। इस अवसर पर राज्य के जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन भी उपस्थित थे।

सम्मेलन में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने झारखंड की आवश्यकताओं से केंद्र को अवगत कराया मांगें रखीं। केंद्र ने तीन दिनों के भीतर यानी चार सितंबर तक झारखंड को जल जीवन मिशन के तहत 300 करोड़ रुपये देने पर सहमति दी।

मंत्री ने कहा कि झारखंड को इस मिशन के तहत 6,105 करोड़ रुपये मिलने हैं, इसके विरुद्ध केवल 300 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। शेष राशि की भी उन्होंने मांग की। मंत्री ने सम्मेलन में बताया कि झारखंड में डेढ़ लाख चापाकल खराब पड़े हैं।

ऐसे चापाकल को झारखंड सरकार रिचार्ज पिट के रूप में उपयोग करने जा रही है। इसके लिए केंद्रांश की आवश्यकता पड़ेगी। नदी-नाला पर भी मंत्री ने अपनी बात रखी और कहा कि दामोदर को छोड़कर झारखंड में सतही जल कम है।

जल की उपलब्धता पर भी केंद्र को विचार करने की आवश्यकता है। दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में भी मंत्री शामिल होंगे। इस दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन 2026 का शुभारंभ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने किया। इस सम्मेलन में सभी राज्यों के मंत्री और अधिकारी सम्मिलित हुए।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्री ने मांगा केंद्र से सहयोग

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ राज्य की पेयजल व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों एवं आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखा।

उन्होंने जल योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्र एवं राज्य के बीच बेहतर समन्वय तथा आवश्यक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, स्पष्ट निर्णय एवं समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से ही जल योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है।