TET के खिलाफ शिक्षकों का हल्ला बोल, 4 अप्रैल को दिल्ली के में रैली; झारखंड से हजारों टीचर्स लेंगे भाग
प्राथमिक शिक्षक 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के खिलाफ रैली करेंगे। यह विरोध शिक्षा के अधिकार अधिनियम, ...और पढ़ें


समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, रांची। फ्री एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी के विरोध में शिक्षक 4 अप्रैल को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन करेंगे।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर झारखंड से भी बड़ी संख्या में प्राथमिक शिक्षक इसमें भाग लेंगे।टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव राम मूर्ति ठाकुर ने कहा कि दिसंबर 2025 में फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर विस्तार से शिक्षकों के पक्ष को तथ्यों के साथ रखा था।
केंद्रीय मंत्रालय ने नहीं उठाया ठोस कदम
केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया था कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत शिक्षकों की निर्धारित न्यूनतम योग्यता को उस कानून के पहले की तिथि से लागू नहीं किया जाएगा। इसके लिए कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर वैधानिक तरीके से हल निकाला जाएगा और शिक्षकों के हितों की रक्षा की जाएगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस दिशा में प्रारंभिक पहल करते हुए सभी राज्यों से प्रभावित शिक्षकों की संख्या और मंतव्य मांगे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
SC ने दिया है अनिवार्य टेट का आदेश
बताते चलें कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में सभी प्राथमिक शिक्षकों के लिए RTE के तहत टेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया है। वैसे शिक्षक जो अभी तक यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें इसके लिए दो वर्ष का समय दिया गया है।
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टेट उत्तीर्ण हुए बिना शिक्षकों को प्रोन्नति भी नहीं मिलेगी। शीर्ष न्यायालय के इस आदेश से राज्य के लगभग 25 हजार प्राथमिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को प्रभावित शिक्षकों की संख्या की जानकारी भेज दी है।