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    झारखंड के केडीएच रेलवे साइडिंग में कोयला रैक से खुलेआम लूट, सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 01:56 AM (IST)

    झारखंड के मैक्लुस्कीगंज स्थित केडीएच रेलवे साइडिंग से कोयले की खुलेआम चोरी हो रही है। डकरा साइडिंग के वजन घर बंद होने से केडीएच आने-जाने वाले रैक से म ...और पढ़ें

    कोयला रैक से खुलेआम लूट

    कोयला रैक से खुलेआम लूट

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    जागरण संवाददाता, मैक्लुस्कीगंज। एनके एरिया की केडीएच रेलवे साइडिंग से निकलने वाले कोयला रैक से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी होने का मामला सामने आ रहा है। बताया जाता है कि डकरा साइडिंग से लोड होकर वजन के लिए केडीएच आने-जाने वाले रैक से मोहन नगर कॉलोनी के पास रेलवे लाइन पर कोयला उतारा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में खुलेआम अवैध गतिविधि चलने की चर्चा है।

    स्थायी रूप ले चुकी है चोरी

    स्थानीय लोगों के अनुसार रैक के ऊपर चढ़कर या नीचे से तार और कुदाल जैसे औजारों की मदद से कोयला खींचकर गिराया जाता है। ट्रैक पर कोयला बिखरने से बचाने के लिए आसपास अस्थायी दीवारनुमा व्यवस्था भी बना दी गई है। 

    हैरानी की बात यह है कि इस काम में महिलाएं, बच्चे और पुरुष तक जान जोखिम में डालकर शामिल रहते हैं। उतारे गए कोयले को बाद में अलग-अलग छोटे वाहनों में लादकर बाहर भेज दिया जाता है।

    साइडिंग और वजन व्यवस्था में खामियां

    जानकारी के अनुसार एनके एरिया में डकरा और केडीएच दो प्रमुख साइडिंग हैं। केडीएच साइडिंग की एक लाइन मोनेट वाशरी को और दूसरी सीसीएल को आवंटित है। डकरा का वजन घर पिछले करीब एक महीने से जरूरी पार्ट्स नहीं मिलने के कारण बंद पड़ा है, जिसके चलते रैक को वजन के लिए केडीएच लाया-ले जाया जा रहा है। 

    बताया जाता है कि कई बार रैक को क्षमता से अधिक लोड किया जाता है, ताकि रास्ते में कोयला उतर जाने के बाद भी अंडरलोड की शिकायत न हो।

    कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रही शंका

    इस पूरे मामले में सीसीएल प्रबंधन की चुप्पी और सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ की अनदेखी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं खरीदारों की ओर से भी अंडरलोड की शिकायत सामने नहीं आ रही है। 

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    इस संबंध में सीआईएसएफ इंस्पेक्टर राजेश कुमार सरोज ने कहा कि यदि मामला संज्ञान में लाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वजन के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे पुलिस की होती है।

    कई सवाल खड़े

    हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि जब सभी साइडिंग की सुरक्षा सीआईएसएफ के जिम्मे है तो खुलेआम कोयला चोरी कैसे हो रही है। साथ ही डकरा वजन घर कब तक दुरुस्त होगा, यह भी स्पष्ट नहीं है। 

    जानकारों का मानना है कि क्षमता से अधिक लोडिंग ही इस तरह की चोरी को बढ़ावा दे रही है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।