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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

KCC Loan: झारखंड के 18 लाख किसानों को केसीसी लोन देगी सरकार, औसत राशि भी बढाने का लक्ष्य

Updated: Sat, 19 Apr 2025 09:57 AM (IST)

झारखंड में पिछले साल 14.5 लाख किसानों ने केसीसी लोन लिया लेकिन औसत राशि केवल 30 हजार रुपये है। कृषि विभाग इस राशि को बढ़ाकर एक लाख करने का लक्ष्य बना ...और पढ़ें

झारखंड में केसीसी लोन लेने वाले 14.5 लाख किसान, औसत राशि मात्र 30 हजार
झारखंड में केसीसी लोन लेने वाले 14.5 लाख किसान, औसत राशि मात्र 30 हजार

HighLights

  1. विभाग ने औसत राशि एक लाख तक ले जाने का बनाया लक्ष्य
  2. 1.60 लाख की राशि सिर्फ व्यक्तिगत जानकारी पर देने का निर्देश

मनोज सिंह, रांची। राज्य सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किसानों को केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन देने के लिए जिलावार लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश भी दिया है।

पिछले साल राज्य में कुल 14.5 लाख किसानों को केसीसी लोन दिया गया था। इस बार विभाग की ओर से कुल 18 लाख किसानों को केसीसी लोन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

हैरानी की बात यह है कि केसीसी लोन लेने की औसत राशि 30 हजार रुपये ही है, जो राशि लगभग 80 प्रतिशत किसान लेते हैं। इसको देखते हुए सरकार ने बैंकों को औसतन एक लाख तक लोन देने का निर्देश दिया है।

विभाग लोन लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज मुक्त करने की भी योजना चला रही है। यह योजना उन किसानों के लिए है, जो केसीसी लोन की प्रत्येक किस्त समय से चुकाते हैं। केसीसी पर कुल सात प्रतिशत ब्याज लगता है। जिसमें तीन प्रतिशत केंद्र सरकार देती और बाकी बचा चार प्रतिशत अब राज्य सरकार की ओर से दिया जा रहा है।

किसानों को दिया जाता 12 हजार करोड़ सालाना केसीसी लोन

राज्य में कुल 14.5 लाख किसानों को सालाना 12 हजार करोड़ का केसीसी लोन दिया जाता है, लेकिन हर साल करीब 40 प्रतिशत लोन एनपीए (नान परफार्मिंग एसेट्स) हो जाता है। इसको बचाने के लिए सरकार की ओर से ब्याज चुकाने की योजना लाई गई, ताकि हर किसानों को केसीसी लोन मिलने में कोई दिक्कत न हो।

केसीसी लोन देना बैंक की जिम्मेदारी है। राज्य में करीब 22 हजार बैंक प्रतिनिधि कार्यरत हैं, जिनकी जिम्मेदारी किसानों को केसीसी लोन देने और उसके बारे में विस्तृत जानकारी देना है। विभाग ने इनकी सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया है।

इस बार कृषि विभाग की ओर से झारखंड को-ऑपरेटिव बैंक को 200 करोड़ रुपये तक केसीसी लोन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस साल दिसंबर तक 850 करोड़ रुपये तक लोन किसानों को दिया जा चुका है।

1.60 लाख तक का लोन बिना किसी दस्तावेज के

राज्य सरकार की ओर से किसानों को केसीसी लोन को सुगमता से देने के लिए बैंकों को निर्देश दिया गया है। सरकार ने बैंकों को बिना किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज के ही 1.60 लाख तक केसीसी लोन देने का निर्देश दिया है ताकि किसानों को बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

इसके लिए किसान को अपनी पहचान, आधार सहित अन्य दस्तावेज ही देने होते हैं। इस बार विभाग ने औसत लोन देने की क्षमता को बढ़ाकर एक लाख तक करने का निर्देश भी बैंकों को दिया है।

साढ़े आठ करोड़ ब्याज की राशि चुकाई गई

विभाग की ओर से केसीसी लोन लेने वाले किसानों के ब्याज की राशि बैंकों को दी गई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में केसीसी लोन लेने वाले करीब दस लाख किसानों का ब्याज साढ़े आठ करोड़ रुपये बैंकों को सरकार की ओर से दिया गया है।

इस साल भी ब्याज की राशि करीब आठ करोड़ दिया जाना है। यह राशि उन केसीसी लोन धारकों के लिए दिया जाता है, जिन्होंने केसीसी लोन की हर किस्त समय से चुकाया है।

माइक्रो फाइनेंस का लोन 13 हजार करोड़

विभागीय अधिकारी की माने तो राज्य में माइक्रो फाइनेंस चलाने वाली कंपनियों ने राज्य के किसानों को सालाना 13 हजार करोड़ रुपये देती हैं। इसका एनपीए रेट न के बराबर है। जबकि लोन लेने वाले व्यक्ति को माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को 23 से 32 प्रतिशत तक ब्याज देना पड़ता है।

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