Mica Smuggling: झारखंड से चीन तक फैला माइका तस्करी का जाल, HC में CAG की रिपोर्ट; रसूखदारों के नाम आए सामने
झारखंड हाई कोर्ट में गिरिडीह में अवैध अभ्रक खनन और तस्करी की जांच के लिए जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में एक स्थानीय व्यवसायी पर स्क्रैप माइका क ...और पढ़ें

झारखंड में अवैध अभ्रक खनन और तस्करी की जांच को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका।
HighLights
गिरिडीह में अवैध अभ्रक खनन पर हाई कोर्ट में याचिका।
स्थानीय व्यवसायी पर चीन को तस्करी का आरोप लगा।
कैग रिपोर्ट में भी अवैध खनन का खुलासा हुआ था।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के गिरिडीह जिले में अवैध माइका (अभ्रक) खनन और तस्करी के आरोपों को की जांच को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है।
याचिका में एक स्थानीय व्यवसायी पर स्टोन क्रशर की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से ढिबरा (स्क्रैप माइका) जमा करने, उसका परिष्करण कराने और चीन सहित अन्य देशों में तस्करी करने का आरोप लगाया गया है।
अनुरंजन अशोक की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि जिला टास्क फोर्स ने गुप्त सूचना के आधार पर पचंबा थाना क्षेत्र के लोहपिट्टी स्थित परिसर में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये मूल्य का माइका जब्त किया गया था। आरोप लगाया गया है कि स्थानीय राजनेताओं के दबाव के कारण अधिकारियों को जब्त सामग्री को विधिवत जब्त करने और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई।
यह भी कहा गया है कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की वर्ष 2018 की रिपोर्ट संख्या-1 में भी झारखंड में अवैध माइका खनन और निर्यात का मामला उजागर हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, कोडरमा जिले से बिना वैध पट्टे के 26,586.67 मीट्रिक टन माइका का निर्यात किया गया था, जिसकी कीमत करीब 56.15 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
इसके बाद कोई जुर्माना नहीं लगाया गया। याचिका में खान निदेशक के पत्र का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कोडरमा और गिरिडीह के जिला खनन पदाधिकारियों को अवैध खनन और परिवहन रोकने के निर्देश दिए गए थे।
आरोप है कि इसके बाद वर्ष 2018 से अब तक राज्य सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे अवैध कारोबार लगातार फलता-फूलता रहा।
याचिकाकर्ता अनुरंजन अशोक ने हाई कोर्ट से गिरिडीह जिले में अवैध माइका खनन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को मामले की गहन जांच का निर्देश देने तथा जिला टास्क फोर्स की कार्रवाई में बाधा डालने वाले नेताओं एवं अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट तलब करने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि अवैध खनन और तस्करी से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है तथा राज्य के कीमती खनिज अवैध रूप से विदेश भेजे जा रहे हैं।
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